August 14, 2026

धमकी पर बोले रविकिशन, कहा- यहां कानून का राज, आरोपी को पाताल से भी खोजकर लाएगी पुलिस

पटना। गोरखपुर से सांसद और फिल्म अभिनेता रवि किशन को फोन पर जान से मारने की धमकी मिली। धमकी देने वाले ने खुद को आरा जिले के जवनिया गांव का रहने वाला अजय कुमार यादव बताया और यह कॉल सांसद के निजी सचिव शिवम द्विवेदी के पास पहुंची। निजी सचिव ने उसी ऑडियो के साथ रामगढ़ताल थाने में तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर इसकी जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर
घटना की शिकायत मिलते ही स्थानीय पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली और संभावित सुत्रों की पहचान व कॉल रिकार्ड की पड़ताल शुरू कर दी है। रवि किशन ने मीडिया से कहा कि जिसने भी यह धमकी दी है, पुलिस उसे पाताल से भी ढूँढकर लाएगी और कानून के सामने पेश किया जाएगा। उनके बयानों से स्पष्ट है कि वह सुरक्षा और त्वरित कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं तथा पुलिस पर पूरा भरोसा जताया है।
रवि किशन की प्रतिक्रिया, कहा- बड़ी साजिश की आशंका, जल्द गिरफ्तार होगा आरोपी
रवि किशन ने धमकी को व्यक्तिगत हमला नहीं बल्कि राजनैतिक और वैचारिक प्रतिद्वंद्विता की अभिव्यक्ति के रूप में देखा। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि “सनातन विरोधी ताकतें” सक्रिय हैं और इस दुस्साहस के पीछे कोई बड़ा हाथ होगा। उन्होंने यह भी कहा कि एक ऐसे सार्वजनिक व्यक्ति और सुपरस्टार को इस तरह धमकाना सामान्य नहीं है, इसलिए पीछे बड़ी साजिश की आशंका है। अपनी बात में उन्होंने न सिर्फ खुद की सुरक्षा की बात की बल्कि यह स्पष्ट किया कि वे इन धमकियों से डरे नहीं हैं और अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगे।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और संभावित कारण
रवि किशन ने धमकी को बिहार के प्रचार अभियान के संदर्भ में जोड़ा। उनका मानना है कि विरोधी दल बिहार में आगामी चुनाव के मद्देनजर चिंतित हैं और डर या कुंठा के कारण इस तरह की प्रवृत्तियाँ दिख रही हैं। वे इसे चुनावी प्रतिद्वन्द्विता और राजनीतिक असंतोष से जोड़कर देखते हैं, और यही कारण हो सकता है कि किसी ने इतनी गंभीर धमकी की। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह केवल व्यक्तिगत हमला नहीं बल्कि व्यापक राजनीतिक असंतुलन का चश्मा हो सकता है।
नैतिक और कानूनी निहितार्थ
रवि किशन ने कहा कि कानून के हाथ लंबे हैं और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे कड़ी सजा मिलेगी। उनकी यह प्रतिक्रिया यह बताती है कि किसी भी तरह की धमकी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया और कानून से ही सुलझाया जाना चाहिए, न कि बदले की भावना से। साथ ही यह भी संदेश है कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय व्यक्तियों को किसी भी प्रकार के धमकी या हिंसा की कीमत चुकानी होगी, क्योंकि राज्य तंत्र ऐसी घटनाओं के खिलाफ सक्रिय रहता है।
रविकिशन बोले- वे कमजोर नहीं हैं कि इन धमकियों से चुप हो जाएँ
रवि किशन ने अपने समर्थकों और जनता को भरोसा दिलाया कि वे डर कर पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद युवा पीढ़ी जाग चुकी है और वे ऐसा कमजोर नहीं हैं कि इन धमकियों से चुप हो जाएँ। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विचारधारा और देश की तरक्की के एजेंडे के प्रति अपनी निष्ठा जताई और कहा कि वे मोदी की आवाज़ को दबने नहीं देंगे — वे स्वयं उसे आगे बढ़ाने वाले समर्थक हैं।
कानून, राजनीति और सार्वजनिक सुरक्षा
यह घटना सिर्फ एक व्यक्तिगत खतरे से अधिक है; यह राजनैतिक ताप और सार्वजनिक मंच पर सुरक्षा के सवाल उठाती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, एफआईआर और सांसद के दृढ़ रुख ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि कानूनी व्यवस्था इस तरह की धमकियों को बर्दाश्त नहीं करेगी। साथ ही यह घटना हमें याद दिलाती है कि राजनीतिक बहसें शांति और नियमों के भीतर रहकर ही चलनी चाहिए और हिंसा या जान से मारने जैसी धमकियाँ लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ हैं।

You may have missed