August 26, 2026

बिहार में बारिश का अलर्ट, 21 जिलों में बरसात की संभावना; बेगूसराय में गंगा खतरे के निशान से ऊपर

  • अगले 48 घंटे में कई जिलों में तेज बारिश और वज्रपात की चेतावनी, पटना में रुक-रुककर बरसात के आसार
  • नेपाल के तराई क्षेत्र में बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा, बेगूसराय में 50 हजार से अधिक आबादी बाढ़ के पानी से घिरी

पटना। बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। राजधानी पटना में सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है और आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के सभी जिलों में बुधवार को मौसम सामान्य बने रहने की संभावना है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ कई इलाकों में बारिश हो सकती है। विभाग ने बिहार के 21 जिलों में वर्षा की संभावना जताई है। साथ ही अगले 48 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। पटना में सुबह से मौसम सुहावना बना हुआ है, लेकिन बारिश के बावजूद उमस भरी गर्मी से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना कम है। मौसम विभाग का अनुमान है कि राजधानी में दिनभर रुक-रुककर बारिश हो सकती है। हालांकि, राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। ऐसे में बारिश और धूप के बीच लोगों को उमस का सामना करना पड़ सकता है। राज्य में मौसम में आए इस बदलाव के पीछे गंगा नदी से सटे पश्चिम बंगाल के इलाके और उससे लगे झारखंड तथा उत्तरी ओडिशा के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र प्रमुख कारण बताया जा रहा है। सोमवार दोपहर तक यह मौसमी तंत्र इसी क्षेत्र में सक्रिय था। इसके साथ बना चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस मौसमी प्रणाली के प्रभाव से बिहार के कई हिस्सों में बादल बनने और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। एक ओर राज्य के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा का असर बिहार की नदियों पर दिखाई देने लगा है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण बिहार से होकर गुजरने वाली कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है। इससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। बेगूसराय में गंगा नदी उफान पर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 83 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण जिले के कई निचले इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बताया जा रहा है कि 50 हजार से अधिक की आबादी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। ऐसे क्षेत्रों में लोगों को आवागमन और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बिहार में इस बार मानसून की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। राज्य में अब तक सामान्य से करीब 42 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार 25 अगस्त तक बिहार में लगभग 732 मिलीमीटर वर्षा हो जानी चाहिए थी, लेकिन इसके मुकाबले केवल 425.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बारिश में यह बड़ी कमी कृषि और भूजल स्तर के लिए चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है। बारिश की कमी के बावजूद कुछ नदियों में अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति ने मौसम की दोहरी तस्वीर पेश की है। एक तरफ राज्य के कई हिस्से सामान्य से कम वर्षा की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं नेपाल और अन्य जलग्रहण क्षेत्रों में अधिक बारिश होने से नदियों के किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने लोगों से बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है। खासकर जिन जिलों में तेज बारिश और वज्रपात की संभावना है, वहां लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी जलस्तर की स्थिति पर नजर बनाए रखने की जरूरत है। फिलहाल बिहार में अगले दो दिनों तक मौसम की गतिविधियां महत्वपूर्ण रहने वाली हैं। 21 जिलों में बारिश की संभावना और कई क्षेत्रों के लिए तेज वर्षा व वज्रपात की चेतावनी के बीच प्रशासन और आम लोगों की नजर मौसम के अगले बदलाव पर बनी हुई है। वहीं बेगूसराय समेत गंगा किनारे के इलाकों में बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की चुनौती को और गंभीर बना दिया है।

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