September 25, 2026

बिहार में सीट बंटवारे को लेकर भाजपा प्रभारी बोले, कही कोई दिक्कत नही, 24 घंटे में साफ होगी तस्वीर

पटना। लोकसभा चुनाव को लेकर एनडीए में चल रही रस्साकसी अब खत्म होता हुआ नजर आ रहा है। बिहार में एनडीए के सहयोगियों के साथ सीटों के बंटवारे पर जल्द अंतिम फैसला आने वाला है। इस बात की जानकारी खुद बिहार भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े ने किया है। इस एलान के बाद अब सबकुछ साफ़ होता नजर आ रहा है। मतलब साफ़ है कि भाजपा ने चाचा-भतीजे के जोड़ी को भी समझा लिया है। बिहार में लोकसभा चुनाव के लिए सीट शेयरिंग को लेकर बिहार बीजेपी के प्रभारी विनोद तावड़े ने कहा है कि बिहार में कोई रस्साकशी नहीं है। अगले 24 घंटे में सब साफ हो जाएगा। उनका यह बयान उस समय आया है जब बीते शाम एनडीए के तमाम बड़े नेता की बैठक उनके दिल्ली आवास पर हुई थी। इस दौरान पर्यवेक्षकों के तरफ से जो लिस्ट दी गई थी उसमें जोड़ घटाव कर उसे आलाकमान के पास भेज दिया था। इसके बाद अब उनका यह बयान आ रहा है। मंगलवार को दिल्ली में बिहार भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े के आवास पर बिहार भाजपा के नेताओं के साथ बैठक हुई। इस बैठक में बिहार के उपमुख्यमंत्री सह प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेन्द्र, प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया शामिल हुए।लगभग ढाई घंटे तक चली इस बैठक में बिहार की सभी 40 लोकसभा सीटों पर मंथन हुआ। पार्टी नेताओं ने सीट टू सीट बातचीत की। इसके साथ ही सीटिंग सीटों में पर्यवेक्षकों से हर लोकसभा क्षेत्र के लिए आए चार-छह नामों में से तीन-तीन नाम भी छांटे गए। वहीं, इससे पहले बीजेपी प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने चिराग पासवान की मांगों को लेकर पशुपति पारस से बातचीत किया। उन्होंने पारस को चिराग पासवान से हाथ मिलाने का सुझाव दिया। तावड़े ने कहा कि पारस को इसकी पहल करनी चाहिए और लोजपा के दोनों गुटों को एक करना चाहिए। इससे लोकसभा चुनाव में बेहतर स्थिति होगी। हालांकि, पशुपति पारस इस बात पर अमल करेंगे या नहीं यह तो वक्त ही बताएगा। बताया जा रहा हैं की एलजेपी के दोनों धड़ों (चिराग और पारस) को बीजेपी पांच सीट दे सकती है। पांच सीट में से ही चिराग और पशुपति पारस में सीटों का बंटवारा होगा। वहीं, जीतनराम मांझी की हम (सेकुलर) को बीजेपी एक सीट दे सकती है। वहीं, उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम को बीजेपी एक सीट देना चाहती है, पर कुशवाहा दो सीटों की मांग कर रहे हैं। अगर मुकेश सहनी बीजेपी के साथ आते हैं तो बीजेपी उनको सिर्फ एक सीट देगी।

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