January 24, 2026

तेजप्रताप के आवास का 3.56 लाख रुपए बिजली बिल बकाया, 3 साल से नहीं हुआ भुगतान, रिकवरी करेगा विभाग

पटना। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। पार्टी से निष्कासन और महुआ विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब बिजली विभाग ने उनके निजी आवास पर बकाया बिल को लेकर सख्ती दिखाई है। पटना के बेऊर इलाके में स्थित उनके मकान का बिजली बिल पिछले तीन वर्षों से जमा नहीं हुआ है और कुल बकाया राशि 3.56 लाख रुपए पहुंच चुकी है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि इस राशि की वसूली हर हाल में की जाएगी।
तीन साल से बकाया है बिजली बिल
बिजली विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार तेजप्रताप के आवास पर अंतिम भुगतान 20 जुलाई 2022 को किया गया था, जब 1.04 लाख रुपए जमा किए गए थे। इसके बाद से किसी भी किस्त का भुगतान नहीं हुआ। आश्चर्य की बात यह है कि भुगतान न होने के बावजूद बिजली कनेक्शन अब तक काटा नहीं गया। विभाग ने अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रिकवरी प्रक्रिया शुरू कर दी है। नवंबर 2025 तक बकाया राशि में मूल बिल 2.30 लाख रुपए, विलंब शुल्क 23,681 रुपए और अन्य प्रभार 71,142 रुपए शामिल हैं। इन सबको मिलाकर बकाया राशि 3.24 लाख से ऊपर हो गई है, और आगामी बिल जोड़कर यह आंकड़ा 3.56 लाख रुपए तक पहुंच गया।
सरकारी आवास होने के बावजूद उपयोग किया निजी घर
तेजप्रताप यादव को सरकारी आवास उपलब्ध है, लेकिन वे समय–समय पर अपने निजी आवास का भी उपयोग करते रहे हैं। बेऊर जेल के पास स्थित यह मकान उनकी निजी यादों से जुड़ा माना जाता है, इसलिए वह बीच–बीच में इस मकान में रहना पसंद करते थे। ऐसे में बिजली का उपयोग जारी रहा, लेकिन बिल का भुगतान नियमित रूप से नहीं किया गया। इस मामले ने उनकी प्रशासनिक और व्यक्तिगत जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक जनप्रतिनिधि और लोकप्रिय नेता होने के नाते उनसे बेहतर उदाहरण पेश करने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन लंबे समय से बकाया बिल का भुगतान न करना उनकी छवि को नुकसान पहुंचा रहा है।
स्मार्ट मीटर लगने में भी सवाल उठे
बिजली विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जब इलाके में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे थे, तब तेजप्रताप के आवास का कनेक्शन पुराने मीटर पर ही चलता रहा। इससे विभागीय प्रक्रिया और लापरवाही पर भी सवाल खड़े हुए हैं। विभाग अब इस बात की जांच भी कर रहा है कि स्मार्ट मीटर क्यों नहीं लगाया गया और कैसे यह पुराना मीटर इतने समय तक सक्रिय रहा। इस प्रक्रिया में संभव है कि विभागीय कर्मचारियों की भूमिका पर भी प्रश्न उठें, क्योंकि बिना मीटर बदलें इतने लंबे समय तक कनेक्शन जारी रहना नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
विभाग हुई सक्रिय, जारी किया नोटिस
बिजली विभाग ने अब तेजप्रताप यादव को नोटिस जारी कर दिया है। विभाग का कहना है कि भुगतान न करने पर अगला कदम कनेक्शन काटने का होगा। अधिकारियों ने साफ कहा है कि उनके साथ कोई विशेष रियायत नहीं बरती जाएगी और कानून के अनुरूप ही कार्रवाई होगी। विभाग का कहना है कि बकाया बिजली बिल की रिकवरी हर हाल में की जाएगी और यदि भुगतान नहीं किया गया, तो कनेक्शन विच्छेद सहित कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
तेजप्रताप की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं
इस मुद्दे पर अभी तक तेजप्रताप यादव या उनके प्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ चुकी है कि लगातार विवादों में घिर रहे तेजप्रताप के लिए यह मामला उनकी छवि पर और आघात करेगा। राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह घटना उनके जिम्मेदार व्यवहार पर सवाल खड़े करती है। जनता जिन नेताओं को अपना प्रतिनिधि चुनती है, उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे नियमों का पालन करें और सार्वजनिक उदाहरण बनें। तेजप्रताप यादव का यह बकाया बिल विवाद केवल एक प्रशासनिक मामला नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और नैतिकता का भी सवाल है। तीन साल से बिजली बिल का भुगतान न होना, स्मार्ट मीटर न लगना और बढ़ता हुआ बकाया विभाग और उपभोक्ता दोनों की लापरवाही को दर्शाता है। विभाग ने अब स्पष्ट कर दिया है कि रिकवरी की प्रक्रिया सख्ती से होगी और किसी भी तरह की रियायत नहीं मिलेगी।

You may have missed