जनगणना 2027 में लगे शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग का नया आदेश, 48 घंटे में पोर्टल पर अपलोड करनी होगी जानकारी
- ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर प्रतिनियुक्ति आदेश अपलोड करने के बाद ही मिलेगी स्कूल कार्य से राहत
- जिला पदाधिकारी के सत्यापन के बाद ही शिक्षकों को जनगणना कार्य से जुड़ी सुविधाओं का मिलेगा लाभ
पटना। बिहार में जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा निर्देश जारी किया है। जनगणना कार्य में लगाए गए शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को अब अपनी प्रतिनियुक्ति से संबंधित पूरी जानकारी ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसा करने के बाद ही संबंधित शिक्षकों को विद्यालय के कार्यों से राहत और अन्य आवश्यक सहूलियतें प्रदान की जाएंगी। शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित कर्मियों को 48 घंटे के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर ने सभी जिला अधिकारियों और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। विभाग के अनुसार जनगणना 2027 के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य बड़े स्तर पर किया जाना है। इसके लिए राज्यभर के हजारों शिक्षकों को प्रगणक और पर्यवेक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है। शिक्षा विभाग का कहना है कि अभी तक विभाग के पास इस बात की पूरी और सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है कि कितने शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगाया गया है। इसी कारण ऐसे शिक्षकों को विद्यालय के नियमित कार्यों से राहत देने और उनकी उपस्थिति संबंधी व्यवस्था बनाने में दिक्कतें आ रही थीं। विभाग ने माना कि स्पष्ट आंकड़ों के अभाव में प्रशासनिक स्तर पर कई प्रकार की परेशानियां सामने आ रही थीं। इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर एक नया प्रावधान शुरू किया गया है। इस सुविधा के माध्यम से शिक्षक स्वयं अपनी प्रतिनियुक्ति से संबंधित जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। विभाग का मानना है कि इससे जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों का सटीक डाटा तैयार हो सकेगा और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगी। विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार सभी संबंधित शिक्षकों को सबसे पहले ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपनी लॉगिन आईडी के माध्यम से प्रवेश करना होगा। इसके बाद उन्हें शिक्षक मॉड्यूल का चयन करना होगा। वहां “जनगणना कार्य के लिए प्रतिनियुक्त” नाम से एक लिंक दिखाई देगा। शिक्षक को उस लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद स्क्रीन पर दो विकल्प दिखाई देंगे, जिनमें “गिनने वाले” और “देखने वाले” का विकल्प शामिल रहेगा। शिक्षक को अपनी ड्यूटी के अनुसार संबंधित विकल्प का चयन करना होगा। इसके बाद उन्हें जनगणना कार्य से संबंधित अपने प्रतिनियुक्ति आदेश की प्रति पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। सभी जानकारी भरने के बाद अंत में सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल जानकारी अपलोड कर देना ही पर्याप्त नहीं होगा। शिक्षक द्वारा अपलोड की गई जानकारी को पहले संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा पुष्टि की जाएगी। इसके बाद जिला पदाधिकारी उस जानकारी का सत्यापन करेंगे। विभाग ने कहा है कि केवल उन्हीं शिक्षकों को जनगणना कार्य से जुड़ी सुविधाओं और विद्यालय कार्य से राहत का लाभ मिलेगा, जिनकी जानकारी जिला पदाधिकारी द्वारा सत्यापित कर दी जाएगी। विभाग ने इस प्रक्रिया को समयबद्ध और अनिवार्य बताते हुए कहा है कि सभी शिक्षक, प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक 48 घंटे के भीतर अपनी जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर दें। यदि कोई शिक्षक तय समय सीमा के भीतर जानकारी दर्ज नहीं करता है तो उसे जनगणना कार्य से जुड़ी प्रशासनिक सहूलियतें मिलने में परेशानी हो सकती है। शिक्षा विभाग के इस नए निर्देश के बाद राज्यभर के शिक्षकों में हलचल बढ़ गई है। कई शिक्षकों का कहना है कि इससे उनकी प्रतिनियुक्ति संबंधी स्थिति स्पष्ट होगी और विद्यालय तथा जनगणना कार्य के बीच संतुलन बनाने में सुविधा मिलेगी। वहीं विभाग का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से कार्यों में पारदर्शिता आएगी और प्रशासनिक निगरानी भी मजबूत होगी। सरकार जनगणना 2027 को पूरी तरह व्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति संबंधी जानकारी एकत्र करने की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले दिनों में इससे जनगणना कार्य की गति और निगरानी दोनों में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।


