सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट जारी, 85.20 फीसदी विद्यार्थी सफल
- लड़कियों ने फिर मारी बाजी, लड़कों से 6.73 प्रतिशत बेहतर रहा परीक्षा परिणाम
- त्रिवेंद्रम क्षेत्र सबसे आगे, प्रयागराज का परिणाम सबसे कमजोर; कंपार्टमेंट परीक्षा से छात्रों को मिलेगा दूसरा अवसर
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बारहवीं कक्षा की परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। इस वर्ष कुल 85.20 प्रतिशत विद्यार्थी परीक्षा में सफल हुए हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार परिणाम में लगभग तीन प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद देशभर के लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह और चिंता दोनों का माहौल देखने को मिला। बोर्ड के अनुसार इस बार 94 हजार 28 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, जबकि 17 हजार 113 विद्यार्थियों ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस वर्ष बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं की जांच “ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली” के तहत कराई। इस व्यवस्था में परीक्षकों ने उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन डिजिटल माध्यम से किया, जिससे जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने का प्रयास किया गया। विद्यार्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना परिणाम देख सकते हैं। जिन छात्रों के पास इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं है या परिणाम देखने के समय सर्वर पर अधिक दबाव के कारण परेशानी हो रही है, वे संदेश सेवा के माध्यम से भी अपने विषयवार अंक प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन अंकपत्र केवल अस्थायी रूप से उपयोगी होगा। विद्यार्थियों को अपने विद्यालय से मूल अंकपत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। बोर्ड ने यह भी दोहराया कि किसी प्रकार की मेरिट सूची जारी नहीं की जाएगी और न ही किसी विद्यार्थी को आधिकारिक रूप से टॉपर घोषित किया जाएगा। सभी विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी छात्र को विद्यालय, जिला या राज्य का टॉपर घोषित न करें। बोर्ड का मानना है कि इससे विद्यार्थियों पर अनावश्यक मानसिक दबाव बढ़ता है। इस वर्ष भी लड़कियों ने लड़कों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 88.86 रहा, जबकि लड़कों का परिणाम 82.23 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस प्रकार लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से 6.73 प्रतिशत बेहतर रहा। वहीं ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों का परिणाम शत-प्रतिशत रहा, जिसे बोर्ड ने सकारात्मक उपलब्धि बताया है। क्षेत्रवार परिणाम में त्रिवेंद्रम क्षेत्र ने लगातार एक बार फिर शीर्ष स्थान हासिल किया। यहां 95.62 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए। दूसरी ओर प्रयागराज क्षेत्र का परिणाम सबसे कमजोर रहा, जहां केवल 72.43 प्रतिशत विद्यार्थी परीक्षा में पास हो सके। पिछले वर्ष भी त्रिवेंद्रम का परिणाम सबसे अच्छा और प्रयागराज का सबसे कम था। इससे स्पष्ट है कि दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर लगातार बेहतर बना हुआ है। बोर्ड ने विद्यार्थियों को डिजिलॉकर सुविधा के माध्यम से डिजिटल अंकपत्र उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की है। जिन छात्रों की अपार पहचान संख्या सीबीएसई से जुड़ी हुई है, उन्हें परिणाम घोषित होने के बाद डिजिलॉकर में अपनी अंकतालिका प्राप्त हो जाएगी। जिन विद्यार्थियों के पास अपार पहचान संख्या नहीं है, उन्हें पहले अपना खाता बनाना होगा। सीबीएसई के नियमों के अनुसार बारहवीं परीक्षा में सफल होने के लिए विद्यार्थियों को कुल अंकों के साथ प्रत्येक विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इससे कम अंक मिलने पर विद्यार्थी को उस विषय में अनुत्तीर्ण माना जाएगा। यदि कोई छात्र केवल एक विषय में असफल होता है तो उसे कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा, जिससे उसका शैक्षणिक वर्ष खराब नहीं होगा। लेकिन दो या उससे अधिक विषयों में असफल होने वाले विद्यार्थियों को दोबारा बारहवीं कक्षा में अध्ययन करना होगा। बोर्ड ने बताया कि पिछले वर्ष 88.39 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए थे, जो वर्ष 2024 की तुलना में 0.41 प्रतिशत अधिक था। इस बार परिणाम में गिरावट के बावजूद बोर्ड ने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच बनाए रखने की सलाह दी है। साथ ही यह भी कहा गया है कि कंपार्टमेंट परीक्षा का कार्यक्रम जल्द जारी किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी अपने अंकों में सुधार कर सकें और आगे की पढ़ाई जारी रख सकें।


