September 19, 2026

निगरानी की बड़ी कार्रवाई : गोगरी रेफरल प्रभारी और हेड क्लर्क रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

पटना। पटना से खगड़िया पहुंची निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। निगरानी की टीम ने खगड़िया के गोगरी रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एससी सुमन को उसके आवास से 50 हजार रुपए घूस लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा। इसके बाद सिविल सर्जन कार्यालय के हेड क्लर्क राजेन्द्र सिन्हा को उसके आवास से 30 हजार रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। निगरानी की टीम ने गोगरी रेफरल अस्पताल की परिचारिका रूबी देवी की शिकायत पर यह कार्रवाई की।
निगरानी की टीम ने गोगरी रेफरल अस्पताल की परिचारिका रूबी देवी ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से शिकायत की थी। इसके बाद मुख्यालय के आदेश पर आरोपों की जांच और पूरे मामले की पड़ताल के लिए एक स्पेशल टीम बनाई गई। टीम का नेतृत्व करने की जिम्मेवारी डीएसपी सर्वेश कुमार सिंह को दी गई, जिसके बाद बुधवार को यह टीम खगड़िया पहुंची और पहले प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और फिर सिविल सर्जन कार्यालय में पूरा जाल बिछाकर कार्रवाई की।
निगरानी के डीएसपी सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि गोगरी रेफरल अस्पताल की परिचारिका रूबी देवी का वेतन पिछले 6 महीने से रुका था। जब वह वेतन की मांग करने गई तो रेफरल अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ. एससी सुमन और प्रधान लिपिक राजेंद्र सिन्हा ने 50,000 रूपये रिश्वत की मांग की। रूबी कुमारी का अगस्त 2020 से फरवरी 2021 तक का वेतन किसी कारण रुका है। इसके बाद रूबी देवी ने लिखित शिकायत निगरानी में दर्ज करवाई। निगरानी द्वारा आरोप सत्यापन करवाने पर शिकायत सही पाई गई और धावा दल का गठन किया गया।
बुधवार को निगरानी की दो अलग-अगल टीम ने पहले प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के आवास पर छापेमारी की। इसके बाद सिविल सर्जन कार्यालय के हेड क्लर्क के राजेंद्र नगर स्थित आवास पर पहुंची। जैसे ही प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और हेड क्लर्क ने रुपया लिया, वैसे ही धावा दल ने दोनों को रंगेहाथ दबोच लिया।

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