Exclusive-लोजपा ने उतारा सम्राट कामदेव सिंह के पुत्र राजकुमार सिंह को,मटिहानी में बोगो सिंह को मात देने की तैयारी

पटना।जदयू के मजबूत उम्मीदवारों को उनके ही गढ़ मात देने के लिए लोजपा नए-नए मजबूत उम्मीदवार उतार रही है।अब बेगूसराय जिले के मटिहानी के जदयू विधायक बोगो सिंह को उनके ही गढ़ में मात देने के लिए कल लोजपा ने 80 के दशक के सर्वाधिक बाहुबली तथा सम्राट के रूप से चर्चित सम्राट कामदेव सिंह के पुत्र राजकुमार सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है।स्व-कामदेव सिंह के बारे में बस इतना बताना काफी है कि 70- 80 के दशक में बेगूसराय में उनकी तूती बोलती थी।उनके समर्थक उन्हें मसीहा मानते थे।वहीं उनके खिलाफ करने वाले उन्हें तस्कर सम्राट माफिया का उपाधि देते थे।कहा तो यहां तक जाता है कि कामदेव सिंह का अपने जमाने में बेगूसराय में समानांतर सरकार चलता था।उनकी लड़ाई हमेशा से वामपंथी तबके के साथ रही।बहुतेरे विवादों में रहे सम्राट कामदेव सिंह को आज भी बेगूसराय की राजनीति के धरातल में सबसे बड़ा नाम माना जाता है।1980 में एक पुलिस एनकाउंटर में उनकी मौत हो गई थी।लेकिन तब उनके पुत्र तथा लोजपा के वर्तमान कैंडिडेट राजकुमार सिंह ने इसे एनकाउंटर नहीं बल्कि हत्या करार दिया था।राजकुमार सिंह ने तब कहा था कि यह एक राजनीतिक हत्या है।बेगूसराय तथा आसपास के क्षेत्रों में अभी भी कामदेव सिंह के नाम की मजबूत पकड़ है।इसे देखते हुए लोजपा ने स्व- कामदेव सिंह के पुत्र राजकुमार सिंह को मटिहानी विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाकर उतारा है। कामदेव सिंह के पुत्र के उम्मीदवार बन जाने से मटिहानी के जदयू विधायक बोगो सिंह के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है।बोगो सिंह मटिहानी से लगातार चार बार से चुनाव जीत रहे हैं।मगर इस बार उन्हें जीतने के लिए मजबूत संघर्ष करना होगा।ज्ञातव्य हो कि मटिहानी के जदयू विधायक बाबू सिंह ने लॉकडाउन के दौरान अपनी ही सरकार का जमकर विरोध किया था तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक सवाल खड़े कर दिए थे।

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