September 23, 2026

पवन सिंह–ज्योति सिंह तलाक मामले की सुनवाई टली, अब 26 मई को होगी अगली तारीख

  • कोर्ट में पेश नहीं हुए दोनों पक्ष, सुलह की प्रक्रिया जारी
  • भरण-पोषण और गंभीर आरोपों के बीच मामला बना जटिल

आरा। भोजपुरी फिल्म जगत के चर्चित अभिनेता पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहे तलाक विवाद में एक बार फिर सुनवाई टल गई है। मंगलवार को आरा स्थित कुटुंब न्यायालय में इस मामले की सुनवाई निर्धारित थी, लेकिन दोनों पक्ष अदालत में उपस्थित नहीं हो सके। इसके बाद न्यायालय ने अगली सुनवाई की तिथि 26 मई निर्धारित की है। पवन सिंह की ओर से उनके अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि अभिनेता फिल्म की शूटिंग में व्यस्त होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके। वहीं ज्योति सिंह के अधिवक्ता ने उनके अस्वस्थ होने का हवाला देते हुए अगली तारीख की मांग की। दोनों पक्षों की अनुपस्थिति के कारण अदालत ने सुनवाई को स्थगित कर दिया। इस मामले में न्यायालय लगातार सुलह प्रक्रिया के तहत दोनों पक्षों को साथ रहने का अवसर देने का प्रयास कर रहा है। अदालत की मंशा है कि वैवाहिक विवाद का समाधान आपसी सहमति से हो सके, लेकिन अब तक दोनों पक्षों के बीच मतभेद बरकरार हैं। इससे पहले 25 मार्च को हुई सुनवाई में पवन सिंह अदालत में उपस्थित हुए थे, जबकि ज्योति सिंह नहीं पहुंचीं थीं। उस दौरान पवन सिंह ने न्यायाधीश के समक्ष स्पष्ट रूप से कहा था कि वे अपनी पत्नी के साथ नहीं रहना चाहते और तलाक चाहते हैं। इसके विपरीत, 11 फरवरी की सुनवाई में ज्योति सिंह अदालत पहुंचीं थीं और उन्होंने वैवाहिक संबंध बनाए रखने की इच्छा जताई थी। उस दिन पवन सिंह बीमारी के कारण अदालत में उपस्थित नहीं हो सके थे और उन्होंने चिकित्सालय से वीडियो माध्यम के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। ज्योति सिंह की ओर से उनके अधिवक्ता ने अदालत में यह मांग रखी थी कि यदि पवन सिंह उनके साथ नहीं रहना चाहते हैं, तो उन्हें 10 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता के साथ एक मकान प्रदान किया जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी कहा कि मुकदमे की अवधि के दौरान भरण-पोषण का खर्च भी दिया जाए। ज्योति सिंह ने अदालत में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा था कि वह हर सुनवाई में उपस्थित होती हैं, लेकिन उन्हें केवल अगली तारीख ही मिलती है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि सात वर्षों के वैवाहिक जीवन में उन्हें केवल मानसिक कष्ट और अस्थिरता का सामना करना पड़ा है। न तो उन्हें पति का साथ मिला और न ही कोई आर्थिक या सामाजिक सहारा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विवाह के कुछ समय बाद से ही उनके साथ दुर्व्यवहार शुरू हो गया था। उनके अनुसार, पवन सिंह नशे की हालत में गाली-गलौज और मारपीट करते थे। उन्होंने अदालत में यह भी कहा कि उनके पति ने दो बार गर्भपात करवाया, जिससे उन्हें शारीरिक और मानसिक आघात पहुंचा। ज्योति सिंह का कहना है कि शादी के कुछ ही महीनों बाद वह अपने मायके बलिया लौट आई थीं और तब से वहीं रह रही हैं। उन्होंने कुटुंब न्यायालय से अंतरिम भरण-पोषण की मांग भी की है, जिस पर अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। इस मामले की पृष्ठभूमि भी काफी चर्चित रही है। पवन सिंह की पहली पत्नी नीलम सिंह का वर्ष 2015 में निधन हो गया था। इसके बाद उनकी निजी जिंदगी को लेकर कई चर्चाएं सामने आईं। वर्ष 2018 में उन्होंने ज्योति सिंह के साथ विवाह किया था, जो उस समय काफी चर्चा में रहा था। हालांकि, उनकी दूसरी शादी भी अधिक समय तक स्थिर नहीं रह सकी और अब यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप और कानूनी दावों के कारण यह विवाद जटिल रूप ले चुका है। फिलहाल न्यायालय सुलह की संभावना को बनाए रखते हुए आगे की सुनवाई की तैयारी कर रहा है। अब 26 मई को होने वाली अगली सुनवाई में यह देखने वाली बात होगी कि दोनों पक्ष कोई ठोस निर्णय लेते हैं या मामला आगे भी लंबित रहता है।

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