पटना पुलिस में बड़ा फेरबदल:-195 दारोगा- एएसआई इधर से उधर, शहरी क्षेत्र के 83 अधिकारियों को 24 घंटे में योगदान का अल्टीमेटम
>>पूर्वी और ग्रामीण पटना के थानों में बदले गए लंबे समय से जमे पुलिस पदाधिकारी, पर्व-त्योहारों से पहले पुलिसिंग को चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद

पटना। बिहार पुलिस में आईपीएस और डीएसपी स्तर पर हुए तबादलों के बाद अब पटना के निचले पुलिस महकमे में भी बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पर्व-त्योहारों के मद्देनजर विधि-व्यवस्था को मजबूत करने और थानों की कार्यशैली में कसावट लाने के उद्देश्य से पूर्वी एवं ग्रामीण पटना के कुल 195 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला किया गया है। इनमें शहरी क्षेत्र के 83 और ग्रामीण क्षेत्र के 112 पुलिस पदाधिकारी शामिल हैं।
यह प्रशासनिक कार्रवाई पटना नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) शैलजा के हस्ताक्षर से जारी आदेश के तहत की गई है। बताया गया है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापित पुलिस पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। खासकर दो वर्ष से अधिक समय से एक ही जगह तैनात अधिकारियों को बदलने पर जोर दिया गया है।
शहरी क्षेत्र में 83 दारोगा के तबादले, 24 घंटे की मोहलत
पटना पूर्वी क्षेत्र के विभिन्न थानों में तैनात 83 पुलिस अवर निरीक्षकों का स्थानांतरण किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी स्थानांतरित पदाधिकारी अगले 24 घंटे के भीतर अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान सुनिश्चित करें। समयसीमा निर्धारित करने के पीछे प्रशासनिक व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से दुरुस्त करने की मंशा मानी जा रही है।
ग्रामीण पटना में भी व्यापक बदलाव
शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण पटना में भी पुलिस प्रशासन ने बड़े स्तर पर फेरबदल किया है। यहां दो साल से अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात 112 पुलिस पदाधिकारियों को दूसरे थानों में भेजा गया है। इन अधिकारियों को नए पदस्थापन स्थल पर योगदान के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
संबंधित थानाध्यक्षों को भी निर्देश दिया गया है कि स्थानांतरण के बाद अनुसंधान, गश्ती और विधि-व्यवस्था से जुड़े कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए। थानों में लंबित मामलों की जांच और नियमित पुलिसिंग की जिम्मेदारी सुचारू रूप से संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
लंबे समय से जमे अधिकारियों की बदली तैनाती
पुलिस महकमे में इस फेरबदल को केवल नियमित तबादले के रूप में नहीं देखा जा रहा है। लंबे समय से एक ही थाने या स्थान पर पदस्थापित अधिकारियों को हटाकर नई जगह जिम्मेदारी देने से पुलिसिंग में बदलाव आने की उम्मीद है। साथ ही, नई तैनाती के जरिए अपराध नियंत्रण, अनुसंधान की गुणवत्ता और क्षेत्रीय गश्ती व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की गई है।
पर्व-त्योहारों के दौरान भीड़भाड़, संवेदनशील इलाकों और संभावित आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए पुलिस प्रशासन के सामने शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने की बड़ी चुनौती रहती है। ऐसे में पटना के पूर्वी और ग्रामीण क्षेत्रों में एक साथ 195 पुलिस पदाधिकारियों का स्थानांतरण पुलिस व्यवस्था को नए सिरे से व्यवस्थित करने की महत्वपूर्ण कवायद माना जा रहा है।
आईपीएस और डीएसपी स्तर के तबादलों के बाद अब दारोगा स्तर पर हुई इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि पटना पुलिस प्रशासन थानों की कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव के मूड में है। अब देखना होगा कि इस बड़े फेरबदल का असर जमीनी स्तर पर अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की गुणवत्ता में कितना दिखाई देता है।




