November 3, 2026

वैशाली में पुलिस और एसटीएफ की अपराधी से मुठभेड़, 17 मामलों का आरोपी छोटू घायल, घटनास्थल से हथियार बरामद

>>समस्तीपुर कोर्ट से फरार कुख्यात राज नंदन कुमार के दाहिने पैर में लगी गोली, अनिल ज्वेलर्स लूटकांड में भी है मुख्य आरोपी

 

वैशाली। जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित मरमला चौर में रविवार की रात पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के बाद एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में राज नंदन कुमार उर्फ छोटू के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल अपराधी को तत्काल हिरासत में लेकर हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने घटनास्थल से हथियार भी बरामद किया है।

 

पुलिस के मुताबिक, राज नंदन कुमार लंबे समय से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ लूट और आर्म्स एक्ट समेत करीब 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह समस्तीपुर जिले के चर्चित अनिल ज्वेलर्स लूटकांड का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है।

 

गुप्त सूचना पर बिछाया गया था घेराबंदी का जाल

 

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि छोटू अपने गांव के आसपास मरमला चौर में छिपा हुआ है और किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार के नेतृत्व में वैशाली पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर छापेमारी शुरू कर दी।

 

पुलिस के अनुसार, खुद को सुरक्षाबलों से घिरा देखकर आरोपी ने अचानक पुलिस टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इसी दौरान एक गोली उसके दाहिने पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसे अपने कब्जे में ले लिया।

 

समस्तीपुर कोर्ट परिसर से पुलिस को दिया था चकमा

 

राज नंदन कुमार उर्फ छोटू का आपराधिक इतिहास काफी लंबा बताया जा रहा है। वर्ष 2025 में वह समस्तीपुर न्यायालय परिसर से पेशी के दौरान पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। इसके बाद से ही विभिन्न पुलिस टीमों द्वारा उसकी तलाश की जा रही थी। अनिल ज्वेलर्स लूटकांड में उसकी कथित संलिप्तता के कारण समस्तीपुर पुलिस भी उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयासरत थी।

 

17 मामलों का आरोपी, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

 

घायल आरोपी की पहचान सदर थाना क्षेत्र के दिग्घी कला निवासी चंदेश्वर राय के पुत्र राज नंदन कुमार उर्फ छोटू के रूप में हुई है। पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों और पूर्व में हुई लूट की घटनाओं में उसकी भूमिका की पड़ताल कर रही है। बरामद हथियार की भी जांच की जा रही है।

 

घटना की सूचना मिलने पर एसएसपी शुभांक मिश्रा और सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर छापेमारी अभियान से जुड़ी जानकारी ली। वहीं, एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं।

 

समस्तीपुर कोर्ट परिसर से फरार होने के बाद पुलिस के लिए चुनौती बने छोटू की गिरफ्तारी को वैशाली पुलिस और एसटीएफ की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। अब जांच का केंद्र उसके आपराधिक नेटवर्क और उन सहयोगियों पर है, जिन्होंने फरारी के दौरान उसे कथित तौर पर संरक्षण दिया।

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