बिहार में मानसून का जोर बढ़ा, 10 जिलों में भारी अलर्ट, रहें सावधान

  • सुपौल और अररिया के लिए नारंगी चेतावनी, आठ जिलों में पीली चेतावनी जारी, लोगों से सतर्क रहने की अपील
  • मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा बरकरार, उत्तर बिहार में दक्षिण की तुलना में अधिक वर्षा के आसार

पटना। बिहार में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में वर्षा का दौर और तेज होने की संभावना है। बिहार मौसम सेवा केंद्र ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार बदल रहे मौसम को देखते हुए व्यापक चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से नमी से भरपूर पूर्वी हवाएं लगातार बिहार की ओर बढ़ रही हैं। इसके साथ ही मानसून की द्रोणिका राज्य के आसपास सक्रिय बनी हुई है तथा ऊपरी वायुमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण घने बादलों का तेजी से निर्माण हो रहा है। इन सभी मौसमी परिस्थितियों के संयुक्त प्रभाव से पूरे प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक अच्छी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए राज्य के दस जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। सुपौल और अररिया जिलों में अत्यधिक वर्षा की आशंका को देखते हुए नारंगी चेतावनी घोषित की गई है। इसका अर्थ है कि इन क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है और लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। वहीं पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, गया, औरंगाबाद तथा किशनगंज जिलों के लिए पीली चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में भी तेज वर्षा, मेघगर्जन और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए प्रशासन तथा आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार आरा, गया, बेतिया, सुपौल और किशनगंज सहित कई क्षेत्रों में मूसलाधार वर्षा हो सकती है। राजधानी पटना में भी दिनभर बादलों का डेरा रहने की संभावना है। शहर के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। इसके अलावा तेज हवाएं चल सकती हैं और कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका बनी हुई है। ऐसे मौसम में लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। बिहार मौसम सेवा केंद्र का कहना है कि पूरे राज्य में मेघगर्जन और वज्रपात की स्थिति बनी रह सकती है। इस दौरान हवा की गति लगभग 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के कारण कमजोर पेड़, पुराने भवनों और अस्थायी ढांचों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर बिहार के जिलों में दक्षिण बिहार की तुलना में अधिक वर्षा होने के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि नमी से भरपूर हवाओं का प्रभाव इस क्षेत्र में अधिक रहेगा। मंगलवार को राजधानी पटना का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। दिनभर उमस और गर्मी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि बुधवार और उसके बाद होने वाली वर्षा के कारण तापमान में गिरावट आएगी। इससे वातावरण में नमी बढ़ेगी और लोगों को उमस तथा गर्मी से काफी हद तक राहत मिलने की संभावना है। कृषि क्षेत्र के लिए भी यह वर्षा लाभकारी मानी जा रही है, क्योंकि धान सहित खरीफ फसलों की खेती के लिए पर्याप्त वर्षा आवश्यक होती है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि मेघगर्जन और वज्रपात के समय खुले मैदानों, खेतों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। यदि तेज वर्षा या आकाशीय बिजली की स्थिति बनती है तो तुरंत किसी सुरक्षित भवन या पक्के आश्रय स्थल में शरण लें। वाहन चालकों से भी अपील की गई है कि वर्षा के दौरान सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं और जलभराव वाले मार्गों से गुजरने से बचें।। प्रशासन को भी संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी संभावित समस्याओं से निपटने के लिए संबंधित विभागों को सतर्क रहने को कहा गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल मानसून पूरी तरह सक्रिय है और अगले कुछ दिनों तक वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करना चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचना चाहिए, क्योंकि यह वर्षा जहां एक ओर गर्मी से राहत देगी, वहीं दूसरी ओर असावधानी गंभीर दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकती है।

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