August 10, 2026

भागलपुर समेत बिहार के चार सिविल कोर्ट को मिली बम से उड़ाने की धमकी, मची अफरा तफरी, खाली कराया गया परिसर

भागलपुर/पटना। बिहार के न्यायिक परिसरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता सामने आई है। भागलपुर, सीवान, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर के सिविल कोर्ट को ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया। धमकी मिलते ही चारों जिलों में एहतियाती कदम उठाते हुए कोर्ट परिसर को खाली करा लिया गया और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गईं।
ई-मेल से दी गई धमकी, तय समय का जिक्र
प्राप्त जानकारी के अनुसार अज्ञात व्यक्ति या समूह की ओर से ई-मेल भेजकर यह दावा किया गया कि दोपहर 12 बजे कोर्ट परिसर में विस्फोट किया जाएगा। इस मेल में सीधे तौर पर बम धमाके की बात कही गई, जिससे न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। ई-मेल मिलते ही संबंधित जिलों के न्यायाधीशों ने बिना देरी किए सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी और आवश्यक एहतियाती कार्रवाई शुरू कर दी गई।
भागलपुर में सबसे पहले बढ़ाई गई सुरक्षा
भागलपुर सिविल कोर्ट को मिली धमकी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार सिंह के आधिकारिक ई-मेल पर भेजी गई। धमकी मिलते ही उन्होंने तुरंत पटना उच्च न्यायालय को इसकी जानकारी दी। इसके साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी सतर्क किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला दंडाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वयं कोर्ट परिसर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। कोर्ट के अंदर और बाहर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई।
बम निरोधक दस्ता और खोजी कुत्ता दल तैनात
धमकी की सूचना के बाद भागलपुर समेत सभी जिलों में बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्ता दल को बुलाया गया। इन टीमों ने कोर्ट परिसर के हर कोने की गहन जांच शुरू की। न्यायालय भवन, रिकॉर्ड रूम, वकीलों के कक्ष, पार्किंग क्षेत्र और आसपास के इलाकों की बारीकी से तलाशी ली गई। किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि पर विशेष नजर रखी जा रही है। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी को भी परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सीवान, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर में भी अलर्ट
सीवान में सिविल कोर्ट के न्यायाधीश को धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद उन्होंने तुरंत पुलिस अधीक्षक को इसकी सूचना दी। पुलिस टीम ने तत्काल कोर्ट परिसर को खाली कराना शुरू कर दिया। वकीलों और न्यायालय कर्मियों को माइकिंग के जरिए बाहर निकलने का निर्देश दिया गया। बेगूसराय और मुजफ्फरपुर में भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई गई। सभी जगहों पर आम लोगों, वादकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षित दूरी पर भेज दिया गया।
वकीलों और कर्मचारियों में दहशत
अचानक मिली धमकी से कोर्ट परिसर में मौजूद वकीलों, मुवक्किलों और कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया। सीवान के एक अधिवक्ता ने बताया कि प्रशासन की ओर से स्पष्ट कहा गया कि यह एहतियाती कदम है और जांच पूरी होने तक किसी को भी जोखिम में नहीं डाला जाएगा। माइकिंग के जरिए लोगों से अपील की गई कि वे घबराएं नहीं और सुरक्षा कर्मियों का सहयोग करें। परिसर में आने-जाने वाले सभी लोगों की सघन जांच की जा रही है।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
यह पहली बार नहीं है जब बिहार के न्यायालयों को इस तरह की धमकियां मिली हों। इससे पहले 8 जनवरी को पटना सिविल कोर्ट, पटना सिटी कोर्ट, किशनगंज, गया और मधुबनी के सिविल कोर्ट को विस्फोटक पदार्थ से उड़ाने की धमकी दी गई थी। उस समय भी सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक जांच की थी और बाद में धमकी को अफवाह करार दिया गया था। लगातार मिल रही ऐसी धमकियों ने न्यायिक परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी भी खतरे को हल्के में नहीं लिया जा रहा है। हर धमकी को गंभीर मानते हुए जांच की जा रही है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से ई-मेल भेजने वाले के स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति सामान्य की जाएगी और कोर्ट का कामकाज बहाल किया जाएगा।
न्यायिक सुरक्षा पर फिर उठा सवाल
लगातार मिल रही धमकियों के बीच न्यायालय परिसरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। न्यायाधीशों ने भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। फिलहाल चारों जिलों में स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। जांच के नतीजों के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह महज अफवाह थी या इसके पीछे कोई गंभीर साजिश।

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