नवादा में पारिवारिक विवाद ने छीनी मासूम की जिंदगी, पति-पत्नी के झगड़े के बीच छह वर्षीय बेटे पर धारदार हथियार से हमला
- इलाज के दौरान हुई मौत, पिता वारदात के बाद फरार, गिरफ्तारी के लिए पुलिस की लगातार छापेमारी, सभी पहलुओं की जांच जारी
नवादा। जिले के कादिरगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पारिवारिक विवाद के दौरान एक पिता पर अपने ही छह वर्षीय बेटे की धारदार हथियार से हमला कर हत्या करने का आरोप लगा है। घायल मासूम को तत्काल नवादा सदर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपित पिता हथियार लेकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इस घटना के बाद पूरे मोहल्ले में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतक की पहचान कादिरगंज थाना क्षेत्र के अंदर बाजार मोहल्ला निवासी सुधीर गोस्वामी के छह वर्षीय बेटे आजाद कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह लगभग साढ़े दस बजे सुधीर गोस्वामी और उसकी पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते कहासुनी बढ़कर मारपीट तक पहुंच गई। इसी दौरान मासूम आजाद अपनी मां के पास पहुंचा और पिता को शांत कराने का प्रयास करने लगा। परिजनों का आरोप है कि गुस्से में सुधीर गोस्वामी ने धारदार हथियार से अपने बेटे पर हमला कर दिया। वार इतना गंभीर था कि बच्चा लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और स्थानीय लोग तत्काल बच्चे को इलाज के लिए नवादा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही कादिरगंज थानाध्यक्ष अवध किशोर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर वैज्ञानिक जांच दल को बुलाया। जांच दल ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को शव परीक्षण के लिए नवादा सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है, हालांकि घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा आरोपित की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही हो सकेगा। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुधीर गोस्वामी और उसकी पत्नी गांव-गांव घूमकर सिंदूर, टिकली और महिलाओं के श्रृंगार का सामान बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार लंबे समय से आर्थिक तंगी का सामना कर रहा था। बताया जाता है कि आर्थिक परेशानियों के कारण पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि सुधीर अपनी पत्नी पर संदेह करता था, जिससे घरेलू कलह लगातार बढ़ती जा रही थी। हालांकि पुलिस ने इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। परिजनों ने बताया कि आजाद परिवार का इकलौता बेटा था, जबकि उसकी तीन बहनें हैं। मासूम की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है और परिजन गहरे सदमे में हैं। पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल बना हुआ है। पड़ोसियों का कहना है कि किसी ने भी नहीं सोचा था कि घरेलू विवाद इतनी भयावह घटना का रूप ले लेगा। जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले सुधीर की पत्नी अपने बच्चों को लेकर मायके जहानाबाद चली गई थी। बाद में सुधीर वहां से अपने बेटे आजाद को वापस घर ले आया था। परिजनों का कहना है कि वह बेटे से काफी लगाव रखता था। घटना वाले दिन भी सुबह वह आजाद को अपने साथ बाजार ले गया, उसे खाना खिलाया और फिर घर लौटा था। इसके कुछ ही देर बाद हुए विवाद ने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी। कादिरगंज थाना पुलिस ने बताया कि आरोपित की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर घरेलू विवादों के हिंसक रूप और उसके मासूम बच्चों पर पड़ने वाले गंभीर प्रभाव को सामने ला दिया है।


