बिग ब्रेकिंग-बिहार में फर्जी एमएलसी गिरफ्तार, सरकारी दफ्तर में फोन कर अधिकारियों को धमकाने का आरोप
पटना।बिहार की औरंगाबाद पुलिस ने पिछले काफी दिनों से सक्रिय फर्जी विधान पार्षद को गिरफ्तार किया है. यह शख्स फर्जी सिम कार्ड से नंबर निकालता था और खुद को एमएलसी बताकर विभिन्न सरकारी कार्यालय में फोन करता था. जहां वह कई अनुचित कामों के लिए दबाव बनाता था. आखिरकार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है.सदर एसडीपीओ आदित्य कुमार ने बताया कि फर्जी सिम कार्ड के जरिए खुद को विधान परिषद सदस्य एमएलसी बताकर सरकारी कर्मियों और अधिकारियों को धमकाने तथा अनुचित दबाव बनाने के मामले में औरंगाबाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से धमकी देने में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड भी बरामद किया है.मामले की गंभीरता को देखते हुए पप्पू कुमार ने इसकी सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को दी. इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तकनीकी शाखा ने संबंधित मोबाइल नंबर का गहन सत्यापन किया.

जांच के दौरान पता चला कि जिस सिम कार्ड से कॉल किया गया था, वह ग्राम-गुरैया निवासी ग्रामीण अरुण कुमार यादव के नाम पर जारी दस्तावेजों के आधार पर निकाला गया था. पुलिस के अनुसार, इसी सिम कार्ड का इस्तेमाल पहले भी कई बीडीओ, एसडीओ और अन्य अधिकारियों से बातचीत करने के लिए किया गया था.देव थाना में दर्ज हुआ मामला
इस संबंध में देव थाना कांड संख्या 280/26, दिनांक 02 सितंबर 2026 के तहत अलग-अलग धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. आरोपी की पहचान जिले के ही देव थाना के गुरैया गांव निवासी अर्जुन पाण्डेय के पुत्र दीनदयाल पाण्डेय के रूप में की गई है.
आरोपी का आपराधिक इतिहास
एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पर पहले भी केस दर्ज हुआ है. उसके खिलाफ देव थाना कांड संख्या 146/18 वर्ष 2018 में दर्ज किया गया था. इस मामले में आरोपी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र संख्या 20/21 भी दाखिल किया जा चुका है. आरोपी इस मामले में फिलहाल जमानत पर बाहर था.
धमकाने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल
पूरे मामले में सबसे अहम बात यह सामने आई है कि आरोपी ने फर्जी सिम और एक जनप्रतिनिधि की पहचान का सहारा लेकर सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर प्रभाव बनाने की कोशिश की. पहले चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने का दबाव बनाया और काम नहीं करने पर नौकरी से हटवाने और अधिकारियों के तबादले की धमकी दी.

