सिपाही बहाली परीक्षा पेपर लीक मामला में EOU की जांच तेज, जल्द कई और चेहरे होंगे बेनका

पटना। बिहार पुलिस के 21 हजार से अधिक पदों के लिए होने वाली सिपाही भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई की जांच तेज हो गई है। ज्ञात हो की राज्य में 1 अक्टूबर को बिहार केंद्रीय चयन पर्षद सिपाही भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया था। हालांकि, परीक्षा में पेपर लिंक होने और कई तरह के कदाचार के मामले सामने आने के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। वहीं इस मामले में EOU जांच कर रही है। EOU के जांच में राज्य के कई कोचिंग संस्थानों की मिली भगत का पता चला है। ऐसे में कोचिंग संस्थान की जांच जारी है। वहीं इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए बिहार EOU के साइबर टीम उप महानिरीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि इस मामले की तहकीकात जारी है। वही इसके लिए विशेष टीम का गठन मुख्यालय स्तर से किया गया है। कुल 74 मामले पटना सहित जिलों के थानों में दर्ज किए गए हैं। वही इसके अलावा जो मुख्यालय स्तर से टॉल फ्री नंबर जारी किया गया। उसमें काफी सूचनाएं मिली है। जिनपर भी करवाई जारी है। वही 1 अक्टूबर को आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा में नालंदा से गिरफ्तार लोगों से पूछताछ व साक्ष्यों से काफी सबूत मिले है। साथ ही 74 मामलो में जो इलेक्ट्रोनी सामान और सबूत मिले हैं। उसकी जांच साइबर फॉरेंसिक लैब से की जा रही है। EOU के उप महानिरीक्षक ने कहा कि जैसा आप जानते है की जितने भी पहले कंपटीटिव एग्जाम हुए है। उसमें एक संगठित गिरोह BPSC और SSC सहित कई प्रतियोगिता परीक्षाओं में सक्रिय रहे हैं। उनका भी विश्लेषण किया जा रहा है। साथ ही कोचिंग संस्थान की भूमिका की मामलो में जांच की जा रही है। कोई भी जांच के दायरे में आते है उनपर कार्रवाई की जाएगी।

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