किशनगंज में पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़, पैर में गोली लगने के बाद अपराधी गिरफ्तार

  • बाइक चोरी गिरोह के सरगना ने पुलिस पर की चार राउंड फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में घायल
  • सम्राट सरकार में तीन दिनों के भीतर पांचवीं मुठभेड़, दो पुलिस पदाधिकारी भी हुए जख्मी

किशनगंज। बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती दिखाई दे रही है। किशनगंज जिले में बुधवार रात पुलिस और एक कुख्यात अपराधी के बीच हुई मुठभेड़ में बदमाश के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। घटना टाउन थाना क्षेत्र के फरीनगोला रेलवे फाटक के पास चौहान बस्ती में हुई। घायल अपराधी की पहचान पवन कुमार उर्फ चिंटू के रूप में हुई है, जो कटिहार जिले के रौतारा का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार वह अंतरराज्यीय लूट, छिनतई और चोरी गिरोह का सरगना है तथा उसके खिलाफ कई जिलों में एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के उद्देश्य से इलाके में जुटे हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही पवन कुमार भागने लगा और उसने पुलिस टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार अपराधी ने चार राउंड फायरिंग की। जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में दो राउंड गोली चलाई, जिसमें एक गोली अपराधी के पैर में लगी जबकि दूसरी गोली निष्क्रिय हो गई। मुठभेड़ के दौरान दो अवर निरीक्षक भी घायल हो गए। दोनों पुलिस पदाधिकारियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं घायल अपराधी को भी पुलिस अभिरक्षा में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही जिला पदाधिकारी विशाल राज और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। घटनास्थल से पुलिस ने एक पिस्तौल, छह कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार भागने के दौरान अपराधी मोटरसाइकिल से गिर पड़ा था। जिस स्थान पर गोलीबारी हुई, वहां एक गेट पर गोली के निशान भी पाए गए हैं। मामले की जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को भी बुलाया गया है, ताकि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच की जा सके। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि पवन कुमार उर्फ चिंटू के खिलाफ किशनगंज जिले में दो मामले दर्ज हैं, जबकि पटना, अररिया, मधुबनी समेत अन्य जिलों में भी उसके खिलाफ लूट, चोरी और छिनतई के कई मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी पहले भी जेल जा चुका है और हाल के दिनों में किशनगंज में हुई कई चोरी और छिनतई की घटनाओं में उसके गिरोह की संलिप्तता सामने आई थी। कुछ दिन पहले मोटरसाइकिल चोरी की एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस के अनुसार घटना के समय पवन कुमार अकेला आया था और उसके अन्य साथी भी वहां पहुंचने वाले थे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि उसके गिरोह में बिहार के अलावा पश्चिम बंगाल के सदस्य भी शामिल हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है। बिहार में हाल के दिनों में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार चर्चा में बनी हुई है। सम्राट सरकार बनने के बाद तीन दिनों के भीतर यह पांचवीं पुलिस मुठभेड़ बताई जा रही है। इससे पहले सीवान में सोना दुकान लूटकांड के आरोपी को पुलिस ने पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया था। वहीं पटना में शिक्षक से लूट और गोलीबारी के मामले में दो अपराधियों को मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया था। इसके अलावा सुरक्षा वाहन से 27 लाख रुपये लूट मामले में भी एक बदमाश को पुलिस ने पीछा कर गोली मारी थी। समस्तीपुर में भी बुधवार सुबह पुलिस और बदमाशों के बीच गोलीबारी हुई थी, जिसमें एक अपराधी घायल हुआ था। लगातार हो रही इन मुठभेड़ों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, जबकि स्थानीय लोगों का मानना है कि बढ़ते अपराध पर नियंत्रण के लिए कठोर कदम जरूरी हैं। फिलहाल किशनगंज मुठभेड़ मामले में पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है।

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