पटना में दामाद पर सास, ससुर, पत्नी और बच्ची को आग लगाने का आरोप, घटना के बाद आरोपी फरार

  • पटना में भीषण अग्निकांड: एक ही परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से घायल
  • संकरी गली में राहत कार्य में आई मुश्किलें, पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ जांच शुरू की

पटना। शहर में बुधवार को एक दर्दनाक घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। पटना सिटी क्षेत्र के खाटू श्याम गली स्थित एक मकान में आग लगने से एक ही परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों में दो महिलाएं, एक पुरुष और एक बच्ची शामिल हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। घटना सुबह लगभग साढ़े दस बजे की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने अचानक घर से धुआं और आग की ऊंची लपटें निकलती देखीं। इसके बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों ने देखा कि घर के अंदर चार लोग बुरी तरह आग की चपेट में आ चुके हैं। पड़ोसियों ने बिना देर किए पुलिस और अन्य लोगों को सूचना दी। स्थानीय नागरिकों की मदद से सभी घायलों को बाहर निकाला गया। घायलों की पहचान पुरुषोत्तम अग्रवाल, नीलम देवी, मुन्नी देवी और एक बच्ची के रूप में हुई है। सभी को गंभीर अवस्था में पटना के नालंदा चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार सभी की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका उपचार लगातार जारी है। मकान मालिक गोविंद अग्रवाल ने इस घटना को सुनियोजित हमला बताया है। उनका आरोप है कि उनके दामाद ने ही घर के लोगों पर आग लगाई और घटना के बाद मौके से फरार हो गया। परिवार के आरोपों के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और विभिन्न पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक पुलिस की ओर से किसी आरोपी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। घटना स्थल संकरी गली में स्थित होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग एकत्र हो गए और अपनी जान जोखिम में डालकर घर के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण ही घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सका। लोगों ने बताया कि यदि थोड़ी और देर हो जाती तो स्थिति और भयावह हो सकती थी। पटना सिटी के अनुमंडलीय पुलिस पदाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा गया। उन्होंने कहा कि परिवार के लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को बुलाया गया है, जो घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। आसपास के लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने इतनी भयावह घटना पहले कभी नहीं देखी। कई लोगों ने प्रशासन से आरोपित की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। घायलों की स्थिति में सुधार होने के बाद उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है।

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