सहरसा में डीपीओ अधिकारी पर आय से अधिक संपत्ति का शिकंजा, ईओयू चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

  • प्रारंभिक जांच में वैध आय से 62 लाख रुपये से अधिक संपत्ति का खुलासा, विशेष न्यायालय की अनुमति के बाद शुरू हुई कार्रवाई
  • सहरसा, सिवान और छपरा स्थित आवासों व कार्यालय में तलाशी जारी, दस्तावेजों, बैंक अभिलेखों और निवेश की हो रही गहन जांच

सहरसा। बिहार में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत आर्थिक अपराध इकाई ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए सहरसा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अजीत अमर के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर उनके चार अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया है। शुक्रवार सुबह आरंभ हुई इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग और प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई। जांच एजेंसी का कहना है कि प्रारंभिक जांच में अधिकारी के पास उनकी ज्ञात वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति होने के पर्याप्त प्रमाण मिले हैं, जिसके आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की गई है। बिहार पुलिस मुख्यालय के आर्थिक अपराध प्रभाग की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी के सत्यापन के बाद छह अगस्त 2026 को आर्थिक अपराध इकाई थाना में कांड संख्या 17/26 दर्ज किया गया। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के संशोधित प्रावधानों के अंतर्गत दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार प्रारंभिक सत्यापन में यह पाया गया कि अजीत अमर ने अपनी ज्ञात वैध आय की तुलना में 62 लाख 20 हजार 550 रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की है, जो उनकी वैध आय से लगभग 72.35 प्रतिशत अधिक बताई गई है।आर्थिक अपराध इकाई का कहना है कि सत्यापन के दौरान प्राप्त वित्तीय अभिलेखों, संपत्ति संबंधी दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर प्रथम दृष्टया आय से अधिक संपत्ति का मामला बनता है। इसके बाद उत्तर बिहार स्थित विशेष निगरानी न्यायालय, मुजफ्फरपुर से तलाशी अधिपत्र प्राप्त किया गया। न्यायालय की अनुमति मिलने के बाद पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग दल गठित किए गए और शुक्रवार सुबह चार स्थानों पर एक साथ छापेमारी आरंभ कर दी गई। जिन स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, उनमें सिवान जिले के दरौंधा थाना क्षेत्र के रैनी गांव स्थित पैतृक एवं निजी मकान, सहरसा के नया बाजार स्थित किराये का आवास, सहरसा स्थित सरकारी कार्यालय कक्ष तथा छपरा के गंडक कॉलोनी स्थित सरकारी आवास शामिल हैं। सभी स्थानों पर एक साथ कार्रवाई का उद्देश्य संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों, नकदी, आभूषण, बैंक अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित करना बताया गया है, ताकि जांच निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाई जा सके। जांच एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार तलाशी अभियान के दौरान चल और अचल संपत्तियों से जुड़े अभिलेख, बैंक खातों का विवरण, निवेश संबंधी दस्तावेज, आय के स्रोत तथा अन्य वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल अभिलेखों की भी जांच की जा रही है, ताकि संपत्ति अर्जित करने के स्रोतों और वित्तीय गतिविधियों का विस्तृत विश्लेषण किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान मिलने वाले प्रत्येक दस्तावेज का विधिवत परीक्षण किया जाएगा। अजीत अमर वर्तमान में सहरसा में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उनके विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज होने और एक साथ चार स्थानों पर छापेमारी की सूचना सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चर्चा का माहौल है। हालांकि अभी तक तलाशी अभियान के दौरान किसी नकदी, आभूषण अथवा अन्य संपत्ति की बरामदगी को लेकर आर्थिक अपराध इकाई की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। आर्थिक अपराध इकाई ने स्पष्ट किया है कि तलाशी अभियान अभी जारी है और कार्रवाई पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। जांच समाप्त होने के बाद यह बताया जाएगा कि तलाशी के दौरान कितनी नकदी, आभूषण, भूमि संबंधी दस्तावेज, बैंक अभिलेख अथवा अन्य मूल्यवान संपत्तियां बरामद हुई हैं। यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति से जुड़े अतिरिक्त प्रमाण सामने आते हैं, तो मामले का दायरा और विस्तृत किया जाएगा तथा संबंधित वित्तीय लेन-देन और संपत्ति के स्रोतों की भी गहराई से जांच की जाएगी। भ्रष्टाचार के विरुद्ध राज्य सरकार और जांच एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे अभियान के बीच आर्थिक अपराध इकाई की यह कार्रवाई प्रशासनिक तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक पदों पर कार्यरत अधिकारियों की वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की जांच आवश्यक है। फिलहाल पूरे मामले पर राज्यभर की नजर बनी हुई है और सभी की निगाहें तलाशी अभियान की अंतिम रिपोर्ट तथा जांच के आगामी निष्कर्षों पर टिकी हैं।

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