पुनपुन नदी में समायी ढलाई रोड, मची अफरा तफरी, ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर
फतुहा। बुधवार शाम नरैना गांव में ग्रामीणों के बीच उस समय अफरा तफरी मच गई जब पुनपुन नदी का किनारा ढलाई रोड सहित अचानक सौ मीटर गहरी धंस गयी तथा पुनपुन नदी में समा गई। करीब 50-60 मीटर चौड़ी मिट्टी की धसान हो गयी। ढलाई रोड पर बैठे मवेशी व ग्रामीण बाल-बाल बच गये लेकिन मवेशियों के नाद भी धंसान के साथ पुनपुन नदी में समा गयी। नदी के किनारे लगी वृक्ष भी मिट्टी धंसान के कारण पुनपुन नदी में गिर गयी। पुनपुन नदी के तट पर बना ढलाई रोड भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया तथा दरारे उभर गयी। यह तो संयोग था कि मिट्टी की धंसान 50-60 मीटर तक ही सीमित रही। अन्यथा चौड़ाई बढने पर किनारे में बने कई मकान भी जमींदोज हो सकते थे तथा धन-जन की काफी क्षति हो सकती थी।
ग्रामीणों की मानें तो मवेशियों को चारा दिया जा रहा था तभी एकाएक मिट्टी धंसने लगी और देखते ही देखते तराई क्षेत्र का भाग नदी की ओर जमींदोज होने लगी। मंडल यादव, विनोद यादव, पप्पू यादव, सुरज यादव, सुरेन्द्र यादव जिनका मकान तराई पर अवस्थित है, मिट्टी की धंसान को देखते हुए भयभीत व रतजगा करने को मजबूर हैं। यदि धंसान को जल्द ही मरम्मत नहीं किया गया तो कभी भी धंसान दुबारा हो सकती है।


