बिहार में मौसम का खतरनाक रूप, कई जिलों में तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी
- अगले 72 घंटे संवेदनशील, 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है आंधी
- पटना समेत कई जिलों में भारी बारिश, पेड़ उखड़े और बिजली व्यवस्था प्रभावित
पटना। बिहार में मौसम ने एक बार फिर भयावह रूप धारण कर लिया है। भारतीय मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए उच्च सतर्कता चेतावनी जारी करते हुए लोगों को आने वाले 72 घंटों तक विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार इस अवधि में तेज आंधी, भारी बारिश और वज्रपात की घटनाएं व्यापक नुकसान पहुंचा सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि हवा की गति 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने गया, जहानाबाद, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, बक्सर, सिवान, भोजपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, अररिया, किशनगंज, कटिहार, खगड़िया, बेगूसराय और लखीसराय सहित कई जिलों में तेज बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। विशेष रूप से खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने को कहा गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य में पूर्व मानसून गतिविधियां तेजी से सक्रिय हो चुकी हैं। यही कारण है कि मौसम लगातार तेजी से बदल रहा है। गर्मी और नमी के बढ़ते प्रभाव के कारण आंधी और वज्रपात की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी मौसम अस्थिर बना रह सकता है। राजधानी पटना में शुक्रवार को मौसम का उग्र रूप देखने को मिला। अचानक तेज आंधी और मूसलाधार बारिश शुरू होने से शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई इलाकों में बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर गिर पड़े, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई। लोक भवन और मुख्य सचिवालय के बीच भी कई विशाल पेड़ धराशायी हो गए। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़कों पर बिखर गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही। बारिश के बाद शहर के निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो गई, जिससे लोगों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। तेज हवाओं और पेड़ गिरने के कारण बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे लोगों को अंधेरे में रात बितानी पड़ी। बिजली विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं। प्रशासन लगातार लोगों से सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है। विशेष रूप से किसानों, बच्चों और बुजुर्गों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। किसानों को खेतों में काम करते समय मौसम की जानकारी लेते रहने और खराब मौसम के दौरान खुले क्षेत्रों से दूर रहने को कहा गया है। वहीं अभिभावकों को बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार पटना में 9 मई को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए हर समय सतर्क रहना आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और अनियमित मौसम चक्र के कारण इस प्रकार की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में आपदा प्रबंधन और पूर्व तैयारी को और मजबूत करने की आवश्यकता है। फिलहाल प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें।


