बिहार में मिले इस साल कोरोना के रिकार्ड 864 नए मामले, सिर्फ पटना में 372 मामले, अस्पतालों में बेड बढ़ाने की तैयारी तेज
पटना। देश में कोरोना संक्रमण का दूसरा लहर तेज हो चुका है। ऐसे में हमसभी को एक बार फिर डरने की जरूरत है। संक्रमण की रफ्तार ने प्रशासन को भी डरा दिया है। बिहार में कोरोना संक्रमण का कहर तेजी से बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में सूबे में कोरोना संक्रमण के इस साल के रिकार्ड 864 नए मामले सामने आए हैं। सबसे ज्यादा डरने की जरूरत पटना के लोगों को है, यहां 372 मामले सामने आए हैं। वहीं अन्य सर्वाधिक प्रभावित जिलों में भागलपुर में 46, बेगूसराय में 19, सारण में 14, सहरसा में 14 , वैशाली 25, प. चंपारण में 23, जहानाबाद 60, मुजफ्फरपुर 34, मुंगेर 25, गया में 19 मामले सामने आए हैं। जबकि कोरोना संक्रमण के 3560 एक्टिव मामले हैं। वहीं विगत 24 घंटे में कुल 67,033 सैम्पल की जांच हुई है। अबतक कुल 2,63,233 मरीज ठीक हुए हैं। बिहार में कोरोना मरीजों का रिकवरी प्रतिशत 98.08 है। बता दें 19 मार्च को बिहार में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या महज 436 थी जो चार अप्रैल को बढ़कर 3560 हो गई है। नए संक्रमित मिलने के मामले में बिहार का देश में 15वां स्थान है।
प्राइवेट अस्पताल भी इलाज की तैयारी में
दूसरी ओर हर दिन तेजी से सामने आ रहे नए मामले के बाद पटना एम्स में जहां बेड फुल हो गए हैं, वहीं पीएमसीएच और एनएमसीएच में भी बेड बढ़ाने को लेकर तैयारी चल रही है। नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) में बेड कई दिनों से खाली थे लेकिन अब मरीजों की संख्या तेजी बढ़ने लगी है। यही हाल पीएमसीएच का भी है। संक्रमण का ग्राफ बढ़ते देख प्राइवेट अस्पताल भी इलाज की तैयारी में हैं।
पीएमसीएच में 100 बेड के लिए हो रहा काम
पीएमसीएच के कोविड वार्ड को 100 बेड करने की तैयारी चल रही है। मौजूदा समय में 30 बेड था और मरीजों की संख्या भी काफी कम थी। ऐसे में संसाधन के साथ व्यवस्था भी कम कर दी गई थी। संक्रमण का ग्राफ बढ़ते ही मरीजों की संख्या पीएमसीएच में बढ़ गई है। ऐसे में संस्थान फिर कोविड वार्ड को अपडेट करने में जुट गया है। सोमवार तक बेडों की संख्या बढ़ाकर 100 करने के लिए काम किया जा रहा है। कोविड वार्ड के नोडल अधिकारी डॉ. अरुण अजय का कहना है कि बेडों की संख्या बढ़ाने को लेकर तैयारी काफी तेजी से चल रही है। व्यवस्था ऐसी बनाई जा रही है कि सोमवार तक बेडों की संख्या 100 पहुंचा दी जाए।
एनएमसीएच में भी बढ़े मरीज
वर्ष 2020 में एनएमसीएच को कोरोना डेडिकेटेड अस्पताल घोषित कर दिया गया था और इससे लोगों को काफी राहत भी मिली थी। इस बार भी दूसरी लहर में संक्रमण का ग्राफ बढ़ा तो बेडों की संख्या के साथ वार्ड भी बढ़ाए जा सकते हैं। इसे लेकर संस्थान के कोविड वार्ड में तैयारी चल रही है। अधीक्षक डॉ. विनोद सिंह का कहना है कि अभी तो बेड की कोई कमी नहीं है लेकिन संक्रमण का ग्राफ बढ़ा तो बेडों की संख्या बढ़ा दी जाएगी।
होटल पाटलिपुत्र अशोक में 128 बेड की व्यवस्था
इसी तरह होटल पाटलिपुत्र अशोक में 128 बेड की व्यवस्था की गई है। यहां जांच के साथ मरीजों के इलाज की व्यवस्था की गई है। यहां बाहर से आने वाले मरीजों को क्वारंटाइन करने की भी व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों की संख्या बढ़ी तो यहां व्यवस्था और बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा अन्य प्राइवेट सेंटर को अस्पताल बनाने की तैयारी है। मरीजों की संख्या बढ़ते ही यहां अस्थाई कोविड हॉस्पिटल बनाया जाएगा।

#COVIDー19 Updates Bihar:
(शाम 4 बजे तक)➡️विगत 24 घंटे में कुल 67,033🧪 सैम्पल की जांच हुई है।
➡️अबतक कुल 2,63, 233 मरीज ठीक हुए हैं।
➡️ वर्तमान में COVID19 के active मरीजों की संख्या 3560 है।
➡️बिहार में कोरोना मरीजों का रिकवरी प्रतिशत 98.08 है।#BiharHealthDept #COVID19 pic.twitter.com/dJRq3lxxK9
— Bihar Health Dept (@BiharHealthDept) April 4, 2021

