मध्य पूर्व तनाव के बीच भारत की ओर रवाना हुआ कच्चे तेल से भरा जहाज, नाविक सुरक्षित
- फुजैरा तेल टर्मिनल पर हमले के बाद भारतीय जहाज ‘जग लाडकी’ सुरक्षित निकला
- एलपीजी से भरे दो जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर, ऊर्जा संकट कम होने की उम्मीद
नई दिल्ली। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण मध्य पूर्व क्षेत्र में तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। समुद्री मार्गों पर सुरक्षा स्थिति प्रभावित होने से कई तेल से भरे जहाज समुद्र में फंसे हुए हैं। इस बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया है कि भारतीय ध्वज वाला जहाज ‘जग लाडकी’ संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा तेल टर्मिनल से सुरक्षित रूप से रवाना हो गया है और भारत की ओर बढ़ रहा है। मंत्रालय के अनुसार 14 मार्च 2026 को जब यह जहाज फुजैरा के एकल बिंदु मूरिंग पर कच्चे तेल की लोडिंग कर रहा था, उसी दौरान फुजैरा तेल टर्मिनल पर हमला हुआ था। इस घटना के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। हालांकि भारतीय समयानुसार रविवार सुबह लगभग 10 बजकर 30 मिनट पर यह जहाज सुरक्षित रूप से फुजैरा से निकल गया। जहाज में लगभग 80,800 मीट्रिक टन ‘मुरबान’ कच्चा तेल लदा हुआ है और यह भारत की ओर रवाना हो चुका है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जहाज और उस पर सवार सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और हमलों में किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। सरकार ने कहा कि क्षेत्र में कार्यरत भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा पिछले 24 घंटों में भारतीय नाविकों से जुड़ी किसी नई घटना की जानकारी भी सामने नहीं आई है। सरकार ने यह भी बताया कि इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। समुद्री परिवहन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि भारतीय ध्वज वाले दो तरलीकृत पेट्रोलियम गैस वाहक जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ भी सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। इन दोनों जहाजों में लगभग 92,712 मीट्रिक टन तरलीकृत पेट्रोलियम गैस लदी हुई है और वे भारत की ओर बढ़ रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि ये जहाज अगले 48 घंटों के भीतर भारत पहुंच सकते हैं। इन जहाजों के भारत पहुंचने के बाद देश में रसोई गैस की आपूर्ति में कुछ सुधार हो सकता है और हाल के दिनों में उत्पन्न गैस संकट को कम करने में मदद मिल सकती है। मंत्रालय के अनुसार भारतीय ध्वज वाले कुल 22 जहाज, जिन पर 611 भारतीय नाविक सवार हैं, अभी भी फारस की खाड़ी क्षेत्र के पश्चिमी हिस्से में मौजूद हैं। इन जहाजों की गतिविधियों पर शिपिंग महानिदेशालय द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा भर्ती और नियुक्ति सेवा लाइसेंस एजेंसियों तथा विभिन्न देशों में स्थित भारतीय मिशनों के साथ समन्वय बनाकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सरकार ने यह भी जानकारी दी कि खाड़ी क्षेत्र से सैकड़ों भारतीय नाविकों को पहले ही सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। देश के सभी प्रमुख बंदरगाह समुद्री स्थिति में हो रहे बदलावों को देखते हुए जहाजों की आवाजाही और माल ढुलाई की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। मंत्रालय ने कहा कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों, शिपिंग कंपनियों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े संगठनों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। इसका उद्देश्य समुद्री व्यापार और बंदरगाहों की गतिविधियों को सुचारु रूप से जारी रखते हुए भारतीय नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना है। वर्तमान परिस्थितियों में सरकार ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने और भारतीय जहाजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।


