December 10, 2022

तख्तश्री कमेटी में कॉप्ट के साथ एसजीपीसी ने दिखाई शक्ति

पटना सिटी (आनंद केसरी)। तख्तश्री हरिमंदिर जी प्रबंधक कमेटी की मीटिंग में निर्वाचित सदस्यों को एक को कॉप्ट करना था। इसमें सात सदस्यों का समर्थन पाकर आसनसोल के रहने वाले हरपाल सिंह जोहल चुन लिए गए। इसी के साथ एसजीपीसी के अध्यक्ष सह मेम्बर गोविंद सिंह लोंगोवाल ने कमेटी में एक तरह से बहुमत दिखा दिया। अब 21 दिनों में कमेटी में सत्ता पाने के लिए बैठक आहूत की जाएगी। आज की मीटिंग में एक सदस्य राजा सिंह मौजूद नहीं रहे, जबकि सनातनी सिख सभा के सदस्य के बारे में कोई फैसला नहीं लिए जाने के कारण 13 निर्वाचित सदस्य ही हिस्सा ले सके।
अरदास से मीटिंग हुई शुरू
मीटिंग शुरू होने के पहले जत्थेदार भाई इकबाल सिंह ने अरदास किया। मीटिंग की अध्यक्षता कनीय उपाध्यक्ष कंवलजीत कौर ने करते हुए संचालन की जिम्मेवारी डॉ गुरमीत सिंह को दिया। एसजीपीसी के गोविंद सिंह लोंगोवाल ने आसनसोल के हरपाल सिंह जोहल का नाम रखा। दिल्ली के अवतार सिंह हिट और हलका-2 के महेंद्र सिंह छाबड़ा ने इसका समर्थन किया। इन तीनों के अलावा जिला जज से मनोनीत महेंद्रपाल सिंह ढिल्लन, लखनऊ के डॉ गुरमीत सिंह, दक्षिण बिहार के इंद्रजीत सिंह और चीफ खालसा दीवान के सुरेंद्र सिंह ने समर्थन किया। इस तरह जोहल 13 में से 7 सदस्यों का समर्थन पाकर विजयी घोषित किए गए। समर्थन नहीं करने वालों में हलका-2 के हरबंश सिंह, जिला जज से मनोनीत जगजोत सिंह सोही, तिरलोचन सिंह, उत्तरी बिहार के लखविन्दर सिंह और कोलकाता के कमिकर सिंह रहे। हलका-1 के राजा सिंह बैठक में नहीं आए।
21 दिनों में बनाएंगे कमेटी
शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सह तख्तश्री कमेटी के सदस्य गोविंद सिंह लोंगोवाल ने कहा कि 21 दिनों में कमेटी को मीटिंग कॉल करनी है। उसमें कमेटी गठित करने के लिए उनके पास पर्याप्त सदस्य हैं। लोकल मेम्बरों को इसमें पद दिया जाएगा, ताकि तख्त साहिब के धार्मिक, प्रशासनिक और अन्य कार्यों का निबटारा ससमय किया जा सके। वैसे उनकी कोशिश सभी सदस्यों को साथ लेकर चलने की होगी। गुरु महाराज ने सेवा बख्शी है, तो अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा उतर धार्मिक मर्यादा को बनाए रखना और संगतों की सुख-सुविधा पर विशेष जोर दिया जाएगा। मीटिंग में वर्तमान कमेटी की ओर से सिर्फ कंवलजीत कौर ही मौजूद रहीं। बतौर वरीय उपाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह, महासचिव सरजिन्दर सिंह, मेम्बर में आरएस जीत और महाराजा सिंह सोनू मौजूद नहीं थे।

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