राहुल के बयान पर चिराग का हमला, कहा- उन्होंने लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया, मांगनी होगी माफी

पटना/दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। राहुल गांधी द्वारा भाजपा पर ‘धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़’ करने के आरोप पर चिराग ने गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा उठाए गए कुछ मुद्दे तथ्यहीन थे और उनके द्वारा प्रधानमंत्री और स्पीकर के प्रति की गई व्यक्तिगत टिप्पणियाँ अस्वीकार्य थीं। चिराग पासवान ने कहा कि राहुल गांधी ने संसद के भीतर हिंदू धर्म को लेकर जो टिप्पणी की है, उसके लिए उन्हें तुरंत देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। चिराग पासवान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का बयान विपक्ष के नेता के रूप में उचित नहीं था और उनकी टिप्पणियाँ तथ्यों पर आधारित नहीं थीं। चिराग पासवान ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस जिस इंडिया गठबंधन का नेतृत्व कर रही है, उसकी सोच भी यही है। राहुल गांधी ने संसद में केंद्र सरकार को कई मुद्दों पर घेरा था, जिसमें भाजपा द्वारा खुद को हिंदू का प्रतिनिधि बताने से लेकर अग्निवीर, नीट जैसे मुद्दों पर सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने अंबानी और अडानी का नाम लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए थे। राहुल गांधी की टिप्पणी पर एनडीए के घटक दलों के कई नेताओं ने आपत्ति जताई, जिसमें भाजपा के साथ ही जदयू भी शामिल था। केंद्रीय मंत्री और जदयू सांसद राजीव रंजन (ललन) सिंह ने भी राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अभी भी अपरिपक्व हैं और विपक्ष के नेता होने के बावजूद उनमें परिपक्वता की कमी है। राजीव रंजन ने कहा कि राहुल गांधी जैसे जनसभा को संबोधित कर रहे थे, उनके भाषण में कोई तथ्य या सच्चाई नहीं थी, केवल आरोप लगाए गए थे। राहुल गांधी के भाषण के कई हिस्सों को संसद की कार्यवाही से हटा दिया गया है। इनमें राहुल गांधी द्वारा हिंदुओं और हिंसा को लेकर की गई टिप्पणियाँ, अल्पसंख्यकों के साथ भाजपा द्वारा अनुचित व्यवहार के आरोप, अग्निवीर योजना, भाजपा द्वारा नफरत और हिंसा फैलाने के आरोप और अंबानी और अडानी को लेकर की गई टिप्पणियाँ शामिल हैं। कोटा में नीट की परीक्षा सेंट्रलाइज्ड होने और अमीरों को फायदा पहुंचाने वाली बात भी कार्यवाही से हटा दी गई है। इस प्रकार, चिराग पासवान ने राहुल गांधी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया और देश की जनता से माफी मांगने की मांग की। वहीं राहुल गांधी ने कहा था कि भाजपा 24 घंटे नफरत और हिंसा फैलाती है। यह बयान भी कार्यवाही का हिस्सा नहीं है। राहुल ने कहा था, जब मैं पीएम मोदी की ओर देखता हूं तो वो मुस्कुराते नहीं हैं। यह बयान भी हटा दिया गया है। राहुल गांधी द्वारा अंबानी और अडानी को लेकर की गई टिप्पणियां भी अब रिकॉर्ड में नहीं हैं। कोटा में नीट की परीक्षा सेंट्रलाइज्ड है और अमीरों को फायदा पहुंचाने वाली बात भी हटा दी गई है।

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