February 11, 2026

राम मंदिर निर्माण की पहली ईंट रखने वाले कामेश्वर चौपाल पंचतत्व में विलीन, सुपौल में हुआ अंतिम संस्कार

सुपौल। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए पहली ईंट रखने वाले और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल का निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव सुपौल जिले के कमरैल लाया गया, जहां आज दोपहर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे विद्यानंद विवेक ने उन्हें मुखाग्नि दी। जहां बिहार सरकार के कई मंत्री और गणमान्य व्यक्ति उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे हैं। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “भाजपा के वरिष्ठ नेता और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। वे एक अनन्य रामभक्त थे, जिन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में बहुमूल्य योगदान दिया। कामेश्वर चौपाल ने 9 नवंबर 1989 को अयोध्या में राम मंदिर की पहली ईंट रखी थी, जो उस समय एक ऐतिहासिक घटना थी। वह विश्व हिंदू परिषद के सह संगठन मंत्री के रूप में सक्रिय थे और बाद में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य बने। उनका जन्म 24 अप्रैल 1956 को बिहार के सुपौल जिले के कमरैल गांव में हुआ था। उन्होंने जेएन कॉलेज, मधुबनी से स्नातक और मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा से 1985 में एमए की डिग्री प्राप्त की। राजनीतिक जीवन में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई और 2002 से 2014 तक बिहार विधान परिषद के सदस्य रहे। उनके निधन से राम मंदिर आंदोलन और भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन हुआ है। उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए समर्थकों और शुभचिंतकों का तांता लगा हुआ है। उनके अंतिम दर्शन के लिए कामेश्वर चौपाल के कमरैल में मंत्री नीरज सिंह बबलू और ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, बीजेपी बिहार अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल पहुंचे। जहां सभी नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि कामेश्वर चौपाल गरीब घर में पैदा हुए लेकिन उन्होंने समाज के हित में बहुत काम किया है। दिलीप जायसवाल ने कहा कि कामेश्वर चौपाल का निधन हमारे लिए काफ दुखद है। कहा कि वो हमेशा धार्मिक कार्यों में भाग लेने के लिए आगे रहते थे। मंत्री नीरज सिंह बबलू ने कहा कि उनके निधन से पूरे कोसी और बिहार में शोक है। कहा कि उन्हें राम मंदिर के लिए पहली ईंट रखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। कहा कि उनके गांव के विकास के लिए हमलोग हमेशा आगे रहेंगे।

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