सरकारी छुट्टी के कैलेंडर में बदलाव, शिक्षकों और सरकारी कर्मियों को मिली कई छुट्टियां, अधिसूचना जारी
पटना। बिहार सरकार ने आगामी दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए सरकारी अवकाश के कैलेंडर में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पहले 22 अक्टूबर 2025 को निर्धारित दीपावली की छुट्टी अब 20 अक्टूबर 2025, सोमवार को मनाई जाएगी। यह निर्णय सामान्य प्रशासन विभाग की समीक्षा के बाद और राजकीय संस्कृत महाविद्यालय, काजीपुरम, पटना से प्राप्त अनुशंसा के आलोक में लिया गया है। सरकार ने यह परिवर्तन राष्ट्रीय अवकाश अधिनियम (एनआई एक्ट) के अंतर्गत पहले से जारी कैलेंडर में संशोधन के रूप में अधिसूचित किया है।
पूर्व निर्धारित तिथियों में संशोधन
सरकार द्वारा जारी पुराने कैलेंडर के अनुसार दीपावली की छुट्टी 22 अक्टूबर को और चित्रगुप्त पूजा व भाईदूज का अवकाश 23 अक्टूबर को तय था। लेकिन अब नए संशोधित आदेश के अनुसार दीपावली का अवकाश 20 अक्टूबर को रहेगा। इस बदलाव का उद्देश्य त्योहारों की तिथियों को वास्तविक धार्मिक पंचांग के अनुसार समायोजित करना है ताकि सरकारी कर्मियों, शिक्षकों और आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सरकार की अधिसूचना और प्रभाव क्षेत्र
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि नया अवकाश कैलेंडर एनआई एक्ट के तहत पहले घोषित तिथि को प्रतिस्थापित करेगा। अर्थात् 22 अक्टूबर की जगह अब 20 अक्टूबर को पूरे बिहार में दीपावली का अवकाश रहेगा। यह अवकाश राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में लागू होगा। साथ ही, इस बदलाव की सूचना राज्यपाल सचिवालय, विधानसभा, विधान परिषद, प्रमंडलीय आयुक्तों, सभी जिलाधिकारियों और न्यायिक विभागों सहित अन्य सभी संबद्ध विभागों को भेजी जा चुकी है।
छठ महापर्व की छुट्टियां पूर्ववत रहेंगी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि छठ महापर्व की पारंपरिक छुट्टियों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नहाय-खाय से शुरू होकर खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य तक के अवकाश पहले की तरह लागू रहेंगे। 27 और 28 अक्टूबर को नहाय-खाय के अवसर पर स्कूलों में अवकाश रहेगा, जबकि खरना और अर्घ्य के दिनों में पूर्ण अवकाश रहेगा। छठ पर्व बिहार की सांस्कृतिक और धार्मिक अस्मिता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए सरकार ने इसमें किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया है।
धार्मिक और सांस्कृतिक तालमेल बनाए रखने का प्रयास
बिहार सरकार का यह निर्णय केवल प्रशासनिक दृष्टि से नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्योहार बिहार की धार्मिक आस्था और पारिवारिक एकता के प्रतीक हैं। इसलिए सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि अवकाश की तिथियां वास्तविक त्योहारों के अनुरूप हों, ताकि लोग उत्सव में पूर्ण सहभागिता कर सकें और किसी असमंजस का सामना न करें।
शिक्षकों और कर्मचारियों को राहत
इस बदलाव से राज्य के शिक्षकों और सरकारी कर्मियों को राहत मिली है। पहले जो अवकाश कार्यदिवसों के बाद पड़ रहा था, अब वह सोमवार को तय होने से एक लंबा अवकाश सत्र प्राप्त होगा। इससे लोग अपने परिवार के साथ समय बिता सकेंगे और त्योहार की तैयारियों को सुचारू रूप से संपन्न कर सकेंगे।
त्योहारों के दौरान सुचारू व्यवस्था की तैयारी
सरकार ने सभी विभागाध्यक्षों और जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि त्योहारों के दौरान अवकाश व्यवस्था का पालन करते हुए कानून-व्यवस्था और आवश्यक सेवाओं को बनाए रखें। सार्वजनिक परिवहन, बिजली-पानी की आपूर्ति और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के लिए निर्देश दिए गए हैं, ताकि त्योहारों के समय कोई असुविधा न हो। बिहार सरकार का यह कदम प्रशासनिक लचीलापन और जनता के प्रति संवेदनशीलता का परिचायक है। दीपावली अवकाश की नई तिथि से जहां सरकारी कर्मचारियों को राहत मिलेगी, वहीं धार्मिक आयोजनों में भी सामंजस्य बना रहेगा। साथ ही, छठ महापर्व की पूर्ववत छुट्टियां राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं के सम्मान को दर्शाती हैं। इस प्रकार सरकार का यह निर्णय बिहार में त्योहारों को अनुशासित, सुचारू और सामूहिक उत्सव के रूप में मनाने की दिशा में एक सार्थक पहल है।


