August 26, 2026

पटना में बीएड अभ्यर्थी का जला शव कमरे से बरामद, मचा हडकंप, छानबीन में जुटी पुलिस

पटना। बिहार की राजधानी पटना के पीरबहोर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बीएड छात्र का जला हुआ शव उसके कमरे से बरामद हुआ है। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है, और पुलिस आत्महत्या या हत्या दोनों एंगल से मामले की गहन जांच कर रही है। मृतक की पहचान मयंक कुमार उर्फ रौनक के रूप में हुई है, जो हाल ही में बीएड में दाखिला लेने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी कर रहा था। घटना पटना के बाकरगंज इलेक्ट्रॉनिक गली में स्थित एक घर की है, जहां मयंक पिछले कुछ समय से रह रहा था। घटना की सूचना तब मिली जब सुबह करीब 8 बजे एक पड़ोसी लड़के ने मयंक के चाचा को बताया कि उनके घर से धुआं निकल रहा है। मयंक के चाचा जब ऊपर के कमरे में गए, तो देखा कि मयंक का कमरा अंदर से बंद था और दरारों से हल्का धुआं बाहर आ रहा था। आसपास के लोगों की मदद से जब गेट तोड़ा गया, तो कमरे का नजारा बेहद भयावह था। मयंक का अधजला शव वहां पड़ा था, जिससे चारों ओर धुआं भर गया था। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। मयंक कुमार उर्फ रौनक, जो मूल रूप से एक अन्य परिवार का बेटा था, उसे उसके चाचा ने गोद लिया था। परिवार ने उसकी पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्चा उठाया था और कुछ ही समय पहले 2 लाख रुपये फीस देकर मयंक का बीएड में एडमिशन कराया गया था। मयंक के चाचा ने बताया कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहा था और पढ़ाई को लेकर गंभीर था। इस घटना से मयंक के परिवार में गहरा शोक है, क्योंकि परिवार को यह यकीन नहीं हो रहा कि मयंक ऐसा कदम उठा सकता है। पीरबहोर थानाध्यक्ष ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 9 बजे सूचना मिली थी कि एक छात्र ने खुद को कमरे में बंद कर आग लगा ली है। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और कमरे में मयंक का अधजला शव पाया गया। कमरे से मिले सबूतों को इकट्ठा करके फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस फिलहाल आत्महत्या की आशंका जता रही है, लेकिन हत्या की संभावना को भी खारिज नहीं किया जा रहा है। थानाध्यक्ष ने यह भी कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की असली सच्चाई सामने आ पाएगी। फिलहाल पुलिस मयंक के परिवार और उसके करीबी लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध पहलू की जांच की जा सके। हालांकि पुलिस इसे शुरुआती तौर पर आत्महत्या मान रही है, लेकिन परिवार के सदस्य इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। मयंक के चाचा का कहना है कि मयंक मानसिक रूप से स्थिर और पढ़ाई को लेकर गंभीर था। उन्होंने किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव या किसी निजी परेशानी का कोई संकेत नहीं दिया था, जिससे यह समझा जा सके कि उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया होगा। इसके अलावा, मयंक के कमरे में आग कैसे लगी, और उसने खुद को अंदर से बंद करके आग लगाई या किसी ने जानबूझकर यह कृत्य किया, यह सवाल पुलिस के लिए भी जांच का मुख्य विषय बना हुआ है। मयंक की मौत ने उसके परिवार को गहरे शोक में डाल दिया है। उसके चाचा, जिन्होंने उसे गोद लिया था, इस घटना से पूरी तरह टूट चुके हैं। उनका कहना है कि मयंक के साथ कोई व्यक्तिगत या पारिवारिक विवाद नहीं था, जो उसे इस हद तक ले जाता। परिवार के अन्य सदस्यों और रिश्तेदारों का भी यही मानना है कि मयंक एक खुशहाल और समझदार लड़का था, जो अपनी पढ़ाई और करियर को लेकर संजीदा था। पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को तैनात किया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसके अलावा, पुलिस मयंक के मोबाइल फोन और उसके दोस्तों से भी जानकारी जुटा रही है, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध परिस्थिति का पता लगाया जा सके। पुलिस इस मामले में कोई भी कसर नहीं छोड़ रही है और हर एंगल से जांच कर रही है। पटना के पीरबहोर इलाके में हुई इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। एक युवा छात्र, जिसने हाल ही में बीएड में प्रवेश लिया था, की संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मामले की सही तस्वीर सामने आएगी। हालांकि, इस घटना ने छात्र के परिवार और स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

You may have missed