December 6, 2022

बिहार में पूरे अकीदत के साथ मनाया गया ईद-उल-अजहा, जानिए सीएम नीतीश ने क्या कहा

पटना (बिहार डेस्क): त्याग और बलिदान के लिए प्रेरित करने वाला त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व बिहार में पूरी अकीदत के साथ मनाया गया। बकरीद की नमाज राजधानी समेत राज्य के विभिन्न ईदगाहों, खानकाहों और मस्जिदों में अदा की गयी। इसके साथ ही राज्य के अन्य जिलों में भी शांति और सद्भाव के साथ बकरीद की नमाज अदा की गयी। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में बकरीद की नमाज सुबह 8 बजे अदा की गयी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ईद-उल-अजहा के अवसर पर प्रदेश एवं देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा का त्योहार असीम आस्था का त्योहार है। खुदा के हुक्म पर बड़ी से बड़ी कुर्बानी दिये जाने के लिये तैयार रहना इस त्योहार का आदर्श है. यह त्योहार कुर्बानी के महत्व को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने इस त्योहार को मेल-जोल, आपसी भाईचारा एवं सद्भाव के साथ मनाने की अपील की। इस दौरान राजधानी स्थित हज भवन में भी ईद-उल-अजहा के नमाज का आयोजन किया गया। जहानाबाद में नमाज अदा करने के बाद मुस्लिम भाइयों ने एक दूसरे के गले मिल कर बधाई दी। मधुबनी में बड़ी ईदगाह में भी नमाज अदा की गयी। बेतिया के मैनाटांड़ में बकरीद के मौके पर सूबे के गन्ना उद्योग व अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद ने सबके साथ मिल कर नमाज अदा की। वहीं बेतिया के नरकटियागंज में भी बकरीद के मौके पर लोगों ने नमाज अदा की और एक दूसरे को बधाई दी।
इस दौरान पूरे राज्य में पुलिस-प्रशासन चौकस रही। नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी, बांग्लादेश सीमा पर तैनात बीएसएफ समेत सीमावर्ती जिलों किशनगंज, कटिहार व अररिया के सहयोग से जिले की सीमा सील की गयी। प्रशासन को अंदेशा है बकरीद के दौरान शरारती व कट्टरपंथी तत्वों द्वारा अफवाह फैला कर जिले की शांति भंग की जा सकती है। इसके मद्देनजर सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर भी अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी की जा रही है। दंगा निरोधी बल व रैपिड एक्शन फोर्स के अलावा दरभंगा जोन के विभिन्न जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल मंगाये गये हैं।

About Post Author

You may have missed