BIHAR : एमआईएस रिपोर्टिंग में शिथिलता बरतने वाले जिला भू अर्जन पदाधिकारियों पर होगी कार्रवाई

पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा नए साल में बिहार की जनता को कई तरह की सौगात दी जाने वाली है। विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने मंगलवार को अपने कार्यालय कक्ष में विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों और विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई। नए साल के पहले दिन आयोजित इस बैठक में सभी विभागाध्यक्षों से इस वित्तीय वर्ष के शेष बचे तीन महीनों में किए जानेवाले कार्यों की जानकारी मांगी। बैठक में भू अभिलेख और परिमाप निदेशक जय सिंह ने सर्वे और लैंड रिकॉर्ड्स के क्षेत्र में अगले तीन महीने में निदेशालय द्वारा शुरू की जानेवाली सेवाओं की जानकारी दी गई।
निदेशक जय सिंह ने बताया कि 175 अंचलों में आधुनिक अभिलेखागार बनकर तैयार है। मार्च तक 250 के करीब आधुनिक अभिलेखागार कार्यकारी हो जाएंगे। पैसा दिया जा चुका है। जहां उपस्करों की खरीद में विलंब हो रहा है, वहां के अपर समाहर्ताओं को जल्द क्रय करने के लिए स्मारित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मार्च तक प्रथम फेज के गांवों में क्षेत्रीय कार्य समाप्त कर दिया जाएगा। अर्थात 20 जिलों के 89 अंचलों के 208 शिविरों के 5127 गांवों में ग्राम सीमा सत्यापन, त्रि-सीमाना निर्धारण, किस्तवार और खानापुरी का काम पूरा हो जाएगा।
इस दौरान अपर मुख्य सचिव ने जमीन की मापी हेतु ईटीएस मशीन की खरीद की प्रगति का भी जायजा लिया। पूरे बिहार में 711 ईटीएस मशीन की खरीद की जानी है। जिसके लिए सभी जिलाधिकारियों को भू अभिलेख और परिमाप निदेशालय द्वारा पैसा दिया जा चुका है। खरीद में पिछड़े जिलों के मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव ने संबंधित प्रमंडलीय आयुक्त और जिला पदाधिकारी को पत्र देने का निदेश निदेशक भू-अभिलेख और परिमाप को दिया। वहीं भू अर्जन परियोजनाओं की एमआईएस रिपोर्टिंग शुरू हो चुकी है। ऐसे में जिला भू-अर्जन पदाधिकारियों द्वारा जिलावार और परियोजनावार डाटा फीड किया जा रहा है। जिन जिलों के पदाधिकारियों ने एमआईएस रिपोर्ट नहीं भरा है या आधी अधूरी रिपोर्ट भरी गई है, उसकी लिस्ट की मांग की गई। साथ ही बास भूमि क्रय नीति के तहत भूमि क्रय के मामले में सुस्ती को भी अपर मुख्य सचिव द्वारा गंभीरता से लिया गया। अगले सोमवार को अपर मुख्य सचिव जूम मीट में खराब काम करनेवाले अपर समहर्ताओं, भूमि सुधार उपसमाहर्ताओं, अंचल अधिकारियों की बैठक करेंगे। यह समीक्षा मुख्य रूप ईटीएस मशीन की खरीद, वास भूमि हेतु रैयती भूमि की खरीद, म्युटेशन अपील से संबंधित होगा।
बता दें बिहार की जनता को कई सौगातें मिलने वाली है, जिसमें स्पेशियल म्यूटेशल के जरिए दाखिल-खारिज, भूमि सर्वेक्षण का अंतिम रूप से प्रकाशन, राजस्व नक्शों की डोर स्टेप डिलीवरी, अंचल अभिलेख भवनों का कार्यकारी होना, आधुनिक अभिलेखागारों में डाटा मैनेजमेंट सिस्टम (डीएमएस) और रिकॉर्ड मैनेजमेंट सिस्टम (आरएमएस) के तहत दस्तावेजों को रखना और लोगों से मामूली शुल्क लेकर राजस्व दस्तावेज उपलब्ध कराना शामिल है। वहीं अंचल अभिलेख भवनों के माध्यम से जमाबंदी पंजी, नामांतरण अभिलेख और राजस्व मानचित्र समेत कई अभिलेख आम जनता को उपलब्ध कराया जाना है।
बैठक में भू अर्जन के निदेशक सुशील कुमार, चकबंदी के संयुक्त निदेशक नवल किशोर, संयुक्त सचिव कंचन कपूर और चंद्रशेखर प्रसाद विद्यार्थी समेत सभी वरीय पदाधिकारी मौजूद थे।

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