ऑपरेशन प्रहार के तहत ऋषिकेश से बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार, अवैध घुसपैठ का खुलासा
- देहरादून रोडरेज घटना के बाद पूरे प्रदेश में सघन सत्यापन अभियान, पुलिस और खुफिया इकाई सक्रिय
- फर्जी दस्तावेज बरामद, सीमा पार कराने वाले आरोपी की तलाश तेज
देहरादून/ऋषिकेश। उत्तराखंड में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ऋषिकेश में अवैध रूप से रह रही एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई राज्य में हाल ही में हुई एक रोडरेज घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने के क्रम में की गई है। दरअसल, देहरादून के राजपुर रोड पर एक सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर की रोडरेज में मौत के बाद राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में ‘ऑपरेशन प्रहार’ लागू करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन और पहचान सुनिश्चित की जा रही है। पुलिस और स्थानीय खुफिया इकाई संयुक्त रूप से इस अभियान को अंजाम दे रही हैं। इसी अभियान के दौरान उत्तराखंड पुलिस और स्थानीय खुफिया इकाई की टीम को सूचना मिली कि एक बांग्लादेशी महिला ऋषिकेश क्षेत्र में अवैध रूप से रह रही है। सूचना के आधार पर टीम ने निगरानी बढ़ाई और बुधवार को चारधाम ट्रांजिट केंद्र के पीछे स्थित सड़क पर घेराबंदी कर महिला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला की पहचान 24 वर्षीय रीना उर्फ रीता के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के सरियातपुर जिले की निवासी बताई जा रही है। तलाशी के दौरान उसके पास से बांग्लादेश का पहचान पत्र, नागरिकता प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि, एक मोबाइल फोन और बांग्लादेश का फर्जी आधार कार्ड बरामद किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने खुलासा किया कि वह लगभग एक माह पहले अवैध रूप से सीमा पार कर भारत में दाखिल हुई थी। इसके बाद वह दिल्ली पहुंची और 13 अप्रैल को बस के माध्यम से ऋषिकेश आई। उसने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए उसकी मुलाकात रिपोन नामक एक व्यक्ति से हुई थी, जिसने उसे रोजगार दिलाने का झांसा देकर भारत बुलाया। पुलिस के अनुसार, यही व्यक्ति उसे सीमा पार कराकर ऋषिकेश तक लेकर आया था। हालांकि, गिरफ्तारी के बाद से आरोपी रिपोन फरार है और उसकी तलाश के लिए पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है। इस मामले में थाना प्रभारी कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि स्थानीय खुफिया इकाई को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि महिला से पूछताछ जारी है और उसके भारत में आने के उद्देश्य तथा संपर्कों की जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र से भी एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा गया था, जिसके अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों से जुड़े होने की बात सामने आई थी। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को लेकर सतर्क हैं और पूरे राज्य में निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन किया जा रहा है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर अवैध घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क की गंभीरता को उजागर किया है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। फिलहाल गिरफ्तार महिला को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।


