बीडी कॉलेज में एनएसएस एवं प्रेम यूथ फाउंडेशन द्वारा स्वयंसेविता अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन

पटना। बी.डी. कॉलेज, पटना की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई ने प्रेम यूथ फाउंडेशन के सहयोग से कॉलेज परिसर में सफलतापूर्वक स्वयंसेविता अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को स्वयंसेवा, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का आयोजन प्रो. (डॉ.) रत्ना अमृत, प्राचार्य, बी.डी. कॉलेज, पटना के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने इस महत्वपूर्ण एवं प्रभावशाली कार्यक्रम के आयोजन के लिए एनएसएस इकाई के प्रयासों की सराहना की। अपने संबोधन में उन्होंने छात्रों से सामाजिक सेवा गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया तथा हाल ही में प्रतिष्ठित गांधी फेलोशिप कार्यक्रम के लिए चयनित छात्रों को बधाई दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री दीपक मंडल, युवा अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) क्षेत्रीय निदेशालय, पटना (बिहार-झारखंड), युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार ने एनएसएस के उद्देश्यों और महत्व पर प्रकाश डाला। विभाग में अपने दस वर्षों के अनुभव तथा नेहरू युवा केंद्र, पटना में राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक के रूप में अपनी पूर्व सेवाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि एनएसएस व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, स्वयंसेवा की भावना और राष्ट्रीय विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने छात्रों को एनएसएस से जुड़कर सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से नेतृत्व गुण विकसित करने के लिए प्रेरित किया। गांधीवादी प्रेम कुमार, प्रेम यूथ फाउंडेशन के संस्थापक, यूथ एजेंडा के संपादक तथा बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के महासचिव ने युवा विकास में स्वयंसेवा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने पिछले चार दशकों में प्रेम यूथ फाउंडेशन द्वारा किए गए व्यापक कार्यों की जानकारी दी, जिनमें गांवों और शैक्षणिक संस्थानों में युवा क्लब, किसान क्लब, खेल क्लब तथा विज्ञान क्लब की स्थापना शामिल है। उन्होंने बताया कि 1,365 संस्थानों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें स्थापित की गई हैं तथा हजारों विश्वविद्यालयी छात्रों को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने फाउंडेशन की स्वयंसेवी पहलों और उनके छात्रों एवं समाज पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों की भी विस्तार से चर्चा की। केदारनाथ सिंह, कार्यक्रम पर्यवेक्षक, माई भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रेरित किया और बताया कि व्यक्तिगत प्रयास किस प्रकार सार्थक सामाजिक परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने छात्रों से समुदाय के कल्याण और विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। हृदय नारायण झा, वरिष्ठ पत्रकार एवं योग साधक ने योग और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर बल दिया। अपने प्रेरणादायक संबोधन के माध्यम से उन्होंने छात्रों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समन्वयन विशाल विजय, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. नीतू तिवारी, डॉ. राहुल अमृतराज, डॉ. महेश केवट, डॉ. स्वर्णा कुमार, डॉ. दिवाकर पांडेय एवं लेफ्टिनेंट राहुल कुमार सहित बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक और विभिन्न विभागों के छात्र उपस्थित थे। कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों, एनएसएस स्वयंसेवकों तथा विशिष्ट अतिथियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। यह अभिमुखीकरण सत्र छात्रों को स्वयंसेवी गतिविधियों से जुड़ने तथा सामाजिक विकास एवं राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करने में सफल रहा।

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