September 14, 2026

BIHAR : गांव की बहू ने बेटे के जीवन के लिए घूम घूमकर मांगी मदद, बोली- आंचल फैलाया है, लाज बचाइए

ayansh file photo

पटना/रोहतास। स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी (एसएमए) बीमारी से पीड़ित 10 माह के अयांश को गोद में लेकर पटना से अपने ससुराल रोहतास पहुंची मां नेहा सिंह की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। पति आलोक के पटनवा गांव पहुंची नेहा ने अपनों से गुहार लगाई। गांव वालों के सामने आंचल फैलाकर मदद मांगती एक मां को देख लोगों का कलेजा फट गया। वे अपने जिगर के टुकड़े की जान बचाने के लिए गांव में लोगों के सामने हाथ फैलाकर आर्थिक मदद मांग रही थी। गांव की बहू को बेटे के लिए घूम घूमकर पैसा मांगता देख गांव वालों की आंखें भी नम हो गईं। वह हर स्तर से नेहा की मदद के लिए आगे बढ़े।
बता दें नेहा के पति आलोक सिंह एक पुराने जालसाजी के मामले में झारखंड के जेल में बंद हैं। पिछले दिनों जब आलोक सिंह पर सवाल उठने लगे थे तो उन्होंने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। अयांश को बचाने के लिए के लिए जो इंजेक्शन लगना है उसकी कीमत 16 करोड़ है। अभी तक करीब साढ़े 7 करोड़ क्राउड फंडिंग के जरिए जमा हुए हैं, लेकिन घर वालों के मुताबिक 15 महीने के भीतर इंजेक्शन लग जाना चाहिए। वहीं डॉक्टरों का मानना है कि जल्दी लगने पर तेजी से रिकवरी की संभावना रहेगी।
हर हालत में मदद की जाएगी
गोद में 10 माह के बीमार बेटे अयांश को लेकर गांव में लोगों से मदद मांग रही नेहा सिंह ने कहा कि गांव की बहू हूं, आप सबके सामने आंचल फैलाया है, मदद कीजिए। आप लोगों की मदद और आशीर्वाद से ही आयांश की जान बचायी जा सकती है। गांव के लोग नेहा की इस अपील पर काफी भावुक हो गए और बोले कि हर हालत में मदद की जाएगी। वह गांव से लेकर आसपास के कई गांवों से पैसा इकट्ठा कर अयांश के इलाज में लगाएंगे। गांव वालों ने नेहा को भरोसा दिलाया है कि वह अयांश को बचाने में जी जान लगाकर पैसा इकट्ठा करेंगे।
पति जेल में हैं, आप गांव वाले ही सहारा
अयांश के पिता आलोक सिंह को झूठे केस में जेल भेजवाने की बात कहकर नेहा ने लोगों से कहा, अब गांव वालों का ही सहारा है। गांव वाले ही सब कुछ हैं। अयांश के पिता के पैतृक गांव से मदद के लिए बढ़ने वाला हर हाथ बड़ा चमत्कार करेगा। नेहा ने कहा कि उनके पति को झूठे मामले में फंसाया गया। कोई गलतफहमी ना हो और बेटे की जान बचाने में अभियान बाधित ना हो, इसलिए उन्होंने कोर्ट में सरेंडर किया है। अब उन्हें अपनों से ही उम्मीद है जो उनके इस अभियान में साथ देंगे, तभी बेटे की जान बच सकेगी।

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