यूजीसी नेट जून 2026 के लिए आवेदन शुरू, 20 मई तक भरें फॉर्म

  • 22 से 30 जून तक होगी परीक्षा, देशभर में कंप्यूटर आधारित माध्यम से आयोजन
  • पात्रता और शुल्क तय, अंतिम वर्ष के विद्यार्थी भी कर सकेंगे आवेदन

नई दिल्ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा जून 2026 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी 20 मई तक आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि केवल ऑनलाइन माध्यम से किए गए आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे और निर्धारित तिथि के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन मान्य नहीं होगा। यह परीक्षा 22 जून से 30 जून 2026 के बीच देशभर में आयोजित की जाएगी। परीक्षा का आयोजन कंप्यूटर आधारित प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें कुल 85 विषय शामिल होंगे। परीक्षा के माध्यम से अभ्यर्थियों की पात्रता सहायक प्राध्यापक पद, जूनियर शोधवृत्ति और शोध डिग्री में प्रवेश के लिए निर्धारित की जाती है। परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियों की घोषणा भी कर दी गई है। आवेदन प्रक्रिया 29 अप्रैल से शुरू हो चुकी है, जबकि आवेदन और शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि 20 मई निर्धारित की गई है। अभ्यर्थियों को अपने आवेदन पत्र में सुधार करने का अवसर 22 से 24 मई के बीच मिलेगा। परीक्षा शहर की सूचना पर्ची 10 जून तक जारी कर दी जाएगी और प्रवेश पत्र 15 जून तक उपलब्ध कराया जाएगा। आवेदन शुल्क श्रेणी के अनुसार निर्धारित किया गया है। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए शुल्क 1,150 रुपये रखा गया है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और अन्य पिछड़ा वर्ग के गैर क्रीमी लेयर उम्मीदवारों के लिए 600 रुपये शुल्क तय किया गया है। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगजन और तृतीय लिंग के उम्मीदवारों के लिए 325 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। पात्रता मानदंड के अनुसार, सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को स्नातकोत्तर डिग्री में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक होना आवश्यक है, जबकि अन्य आरक्षित वर्गों के लिए यह सीमा 50 प्रतिशत निर्धारित की गई है। अंतिम वर्ष के स्नातकोत्तर छात्र भी आवेदन करने के पात्र हैं। इसके अलावा चार वर्षीय स्नातक डिग्री में 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्र भी आवेदन कर सकते हैं। अंतिम वर्ष के स्नातक विद्यार्थी भी इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। पिछले वर्ष दिसंबर 2025 में आयोजित इस परीक्षा में 7 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया था, जिनमें से लगभग 1.76 लाख उम्मीदवारों ने शोधवृत्ति और शोध डिग्री प्रवेश के लिए योग्यता प्राप्त की थी। यह आंकड़ा इस परीक्षा की लोकप्रियता और प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परीक्षा उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। इसके माध्यम से न केवल शिक्षण क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलते हैं, बल्कि शोध कार्य के लिए आर्थिक सहायता भी प्राप्त होती है। एजेंसी ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे आवेदन करते समय सभी आवश्यक जानकारी ध्यानपूर्वक भरें और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचने के लिए आवेदन पत्र को अंतिम रूप देने से पहले अच्छी तरह जांच लेना आवश्यक है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा जून 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से लाखों विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का रास्ता खुल गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर अभ्यर्थी इस महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल हो सकते हैं और अपने भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं।

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