February 20, 2026

बेगूसराय में सांस में दिक्‍कत से मरीज की हुई मौत, डाक्‍टर के नहीं रहने पर लोगों ने किया हंगामा

बेगूसराय। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छौड़ाही में सोमवार की देर रात एक मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। बताया जा रहा है कि डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मियों के गायब रहने के कारण मरीज का उचित इलाज नहीं हो सका। सांस लेने में दिक्‍कत के बावजूद मरीज को ऑक्सीजन मुहैया नहीं कराया गया। मरीज की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने स्वास्थ्‍य एवं सिविल अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा पीएचसी के एंबुलेंस का गेट तोड़ दिया। वहीं अन्य सामग्रियों में भी तोड़फोड़ की। बाद में प्रबुद्ध जनों के समझाने पर लोग शांत हुए। बवाल थमने के बाद ग्रामीण जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अपनी नाकामी छिपाने के लिए खुद ही अस्पताल में तोड़फोड़ कर ग्रामीणों पर तोड़फोड़ करने का आरोप लगाने की बात कह रहे हैं। समाचार प्रेषण तक अस्पताल तो खुला था। परंतु, एक भी डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी नहीं आए थे। ममता कार्यकर्ता ही अस्पताल में मौजूद थी। कोई कुछ भी बताने से परहेज कर रहे थे। मृतक छौड़ाही ओपी क्षेत्र के बखड्डा निवासी 60 वर्षीय ब्रजनंदन यादव थे।

इलाज और ऑक्सीजन के अभाव में मौत

मृतक के पुत्र बखड्डा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता जीवछ कुमार यादव उर्फ अरविंद कुमार ने बताया कि सोमवार की रात उनके पिता बृजनंदन यादव की तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इलाज के वास्ते वह अपने पिता को लेकर पीएचसी छौड़ाही पहुंचे। देर रात तक इंतजार करते रहे, लेकिन पीएचसी में ऑन ड्यूटी डॉक्टर, एएनएम आदि स्वास्थ्य कर्मी नजर नहीं आए। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ कमलेश कुमार को मोबाइल से सूचित किए तो वह खुद को कोरोना संक्रमित बता ऑन ड्यूटी डॉक्टर को भेजने की बात कहे। रात 11:00 बजे तक उनके पिता को इलाज नहीं मिल सका। ना ही डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी अस्पताल आए। इस कारण ऑक्सीजन एवं इलाज में अभाव के कारण उनकी पिता की देर रात पीएचसी छौड़ाही में ही मौत हो गई।

पीएचसी में घटना के वक्त ऑन ड्यूटी एएनएम हीरा कुमारी का कहना है कि वह अपने ड्यूटी पर मुस्तैद थीं। तभी एक मरीज को इलाज के लिए लाया गया। शरीर जांच के दौरान पता चला कि मरीज की मौत हो चुकी है। नब्ज बंद और उनका शरीर ठंडा था। उनकी मौत हो चुकी थी, फिर भी मरीज के स्वजन इलाज करने एवं ऑक्सीजन लगाने का दबाव देने लगे। इसी बीच कुछ लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज की। वह भागकर बीआरसी के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई। इस बीच असामाजिक तत्वों ने ऑक्सीजन एवं उससे संबंधित यंत्र इधर-उधर फेंक तोड़ फोड़ दिया। वही एंबुलेंस का गेट एवं अन्य सामग्री भी तोड़फोड़ कर दिया गया।

You may have missed