February 26, 2026

पटना में चल रहा कोरोना की जांच में घोटाला, बिना सैंपल टेस्ट के नेगेटिव होने के आ रहे है मैसेज

पटना। कोरोना का कहर कम होते ही घोटाले सामने आने लगे हैं। जिम्मेदार ये नहीं समझ रहे अभी कहर कम हुआ कोरोना नहीं। ऐसा ही एक मामला पटना में सामने आया है। यहां कोरोना जांच के नाम पर न सिर्फ खानापूर्ति हो रही है बल्कि जांच किट की भी हेराफेरी चल रही है। बस स्टेशन से लेकर रेलवे स्टेशन तक हर भीड़भाड़ वाली जगह पर जाच की व्यावस्था की गई है इन सब जगहों पर बड़ी गड़बड़ी सामने आ रही है। वही स्टेशनों पर आने वालों की बिना जांच किए ही मोबाइल नंबर व नाम दर्ज कर लिए जा रहे हैं। फिर अगले दिन मैसेज आ जा रहा है कि आपका कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया था वो नेगेटिव पाया गया है। साथ ही ये हिदायत भी लिखि है मास्क पहने और उचित दूरी बनाए। किसी भी तरह की चिकित्सकीय सहायता के लिए 104 पर कॉल कर सकते हैं।

ऐसे में कई सवाल खड़े होते है यदि जांच हुई नहीं तो जांच किट कहां गई। सैंपल लिया नहीं तो रिपोर्ट किसी भेज दी। सबसे बड़ा सवाल आम जन की सुरक्षा का है यदि कोई यात्री कोविड पॉजिटिव हुआ तो वो पूरे राज्य को प्रभावित करेगा। लेकिन जिम्मेदार इस जिम्मेदारी से बचकर घोटाले पर पूरा ध्यान लगाए हुए हैं। बता दें यहां रोजाना औसतन 500 लोगों की जांच की जा रही है। इसमें यदि 25 फीसद का ही आंकड़ा ले ले तो 125 जांच किट कहां जा रही हैं। हालांकि इससे कहीं अधिक संख्या में बिना जांच के सिर्फ नाम और मोबाइल नंबर लिए जा रहे हैं।

वही एक एंटीजन जांच किट की कीमत खुले बाजार में लगभग 250 रूपए है। पटना जंक्शन सिर्फ उदाहरण मात्र है। अन्य जगहों पर जहां सरकारी स्तर पर कोरोना जांच की जा रही है, वहां पर भी निचले स्तर पर खेल चल रहा है। सूत्रों के अनुसार सभी प्रमुख रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट एवं भीड़भाड़ वाली जगहों पर जैसे बाजारों में कोरोना की जांच की जा रही है। पटना जंक्शन के आंकड़े बताते है कि रविवार को 601 जांच हुई और सोमवार को 591। ऐसे में इस तरह के घोटाले सामने आना जिम्मेदारों पर सवालिया निशान खड़ा करते हैं।

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