February 23, 2026

विश्व हाथी दिवस पर बोले केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे- हाथी हमारी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और राष्ट्रीय धरोहर

पटना। केंद्रीय वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री अश्वनी कुमार चौबे ने हाथी दिवस पर मंत्रालय द्वारा इंदिरा पर्यावरण भवन में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि हाथी हमारी सांस्कृतिक आध्यात्मिक और राष्ट्रीय धरोहर है, जिसके संरक्षण और संवर्धन के लिए हमने धरातल पर ठोस काम किया है। उन्होंने कहा कि “विश्व हाथी दिवस के अवसर पर हमारे पौराणिक ग्रंथों से लेकर आज तक, उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक में हाथी का महत्व जन-जन तक समझा जाता रहा है। भारतीय संस्कृति की परम्परा में हाथी बहुत ही पूजनीय प्राणी है, पवित्र जीव है। हाथी का उपयोग हम विभिन्न शुभ अवसर पर करते हैं”।
हाथी का संरक्षण व संवर्धन
हाथी के संरक्षण व संवर्धन के संबंध में श्री चौबे ने कहा कि 1980 में हमारे देश में लगभग 15000 हाथी थे, परंतु चार दशक में हमारे प्रयास से इनकी संख्या बढ़कर 30,000 हो गयी है अर्थात 40 वर्षों में हाथियों की संख्या दूनी हो गई है। यह हाथी संरक्षण के प्रयासों का परिणाम है। पिछले पांच दशकों में हमारे देश में जनसंख्या में पर्याप्त बढ़ोत्तरी हुई है।


हाथियों को विलुप्त होने से बचाने के उपाय
केंद्रीय मंत्री ने बताया की हाथियों को विलुप्त होने से बचाने के लिए 1992 में हाथी प्रोजेक्ट की शुरूआत की थी। इसी कड़ी में हाथियों के लिए संरक्षित क्षेत्र बनाए। आज हमारे पास 32 संरक्षित क्षेत्र हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल लगभग सत्तर 70,000 स्क्वायर किलोमीटर है। पहला संरक्षित क्षेत्र सिंहभूमि, बिहार में था, आजकल झारखंड में है। प्रयास कर रहे हैं कि संरक्षित क्षेत्रों को हाथियों का इकोलॉजिकल निवास बनाया जाए, जिससे उस क्षेत्र में हाथियों का रहन-सहन उनके अनुकूल हो सके, हाथियों को भी वेटरनरी सुविधा उपलब्ध कराएं, जिससे हथियों की जन्म दर बढ़ाने एवं प्रजनन के लिए अनुकूल स्थिति पैदा की जा सके। वाइल्डलाइफ बोर्ड के सुझाव पर हाथी को 2010 में राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया। वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट के साथ मिलकर 2011 में हाथी मेरे साथी प्रोजेक्ट शुरू किया, जिसका उद्देश्य लोगों में हथियों के प्रति जागरूकता पैदा करना तथा हाथियों के प्रति मित्रवत भाव तेज करना था। इस वर्ष हम जो हाथी दिवस मना रहे हैं उसकी थीम है ईको सिस्टम बचाएं, हाथी बचाएं। हाथियों से संबंधित जो भी प्रोजक्ट चल रहे हैं- चाहे वे उनके संरक्षण के प्रयास हों या मानव और हाथी के संघर्ष को रोकने का प्रयास हो, सब पर समान ध्यान रखा गया है। श्री चौबे ने कहा, पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत विकासशील देश से विकसित देश बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, परंतु इस विकास के साथ साथ वन्य जीवों के हित के प्रति भी उतने ही सजग हैं, सचेत हैं, जितना की विकास के लिए।
विश्व हाथी दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, रामेश्वर प्रसाद गुप्ता, सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, सुभाष चंद्र, महानिदेशक वन एवं विशेष सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, सौमित्रदास गुप्ता, अपर महानिदेशक (वन्य जीव) वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय सहित मंत्रालय के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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