मधुबनी नरसंहार : मुख्य आरोपी प्रवीण झा समेत 5 नेपाल से गिरफ्तार, तेजस्वी ने कहा था- रावण को पुलिस नेपाल छोड़ आयी
पटना। बिहार के चर्चित मधुबनी जिला अंतर्गत बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के महमदपुर गांव में होली के दिन खेली गई खूनी होली का मुख्य आरोपी प्रवीण झा उर्फ रावण को पुलिस ने घटना के 9 दिन बाद नेपाल से गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही चंदन झा, मुकेश साफी, भोला सिंह के अलावा एक और की गिरफ्तारी हुई है। मधुबनी के एसपी डॉ. सत्यप्रकाश ने बुधवार को इसकी पुष्टि की। उक्त नरसंहार में मधुबनी पुलिस ने अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
सूत्रों ने बताया कि महमदपुर नरसंहार को मुख्य आरोपी प्रवीण झा उर्फ रावण नीतीश सरकार के सुशासन पर खून का लाल दाग लगाकर अपने साथियों के साथ नेपाल भाग गया था। पुलिस अभी भी हत्याकांड में शामिल अन्य फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए छापामारी कर रही है। उम्मीद जतायी जा रही है कि जल्द ही पुलिस सभी आरोपियों को पकड़ने के बाद प्रेस कांफ्रेंस करेगी।
बता दें 29 मार्च के दोपहर महमदपुर गांव में एक ही परिवार के 5 लोगों की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड के बाद से ही बिहार की सियासत गरमा हुई है। विभिन्न राजनीतिक दलों के जांच कमिटी गठित कर मामले की तथ्यों की जांच की। वहीं नेताओं को महमदपुर गांव में आने और पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने का सिलसिला लगातार जारी है। बीते मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी महमदपुर गांव पहुंचे थे और कहा था कि आरोपी प्रवीण झा को पुलिस ही नेपाल छोड़ आई है। उन्होंने पूर्व मंत्री विनोद नारायण झा को आरोपी का गुरू बताया था। तेजस्वी ने पीड़ित परिवार को पांच और एक लाख रुपए का चेक भी दिया था। पुलिस पर आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने को लेकर काफी दबाव था। सीएम नीतीश कुमार ने भी कहा था कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी और स्पीडी ट्रायल कराकर सजा दिलाया जाएगा। अब, बुधवार को नेपाल से मुख्य आरोपी प्रवीण झा की गिरफ्तारी हुई है।
पूर्व मंत्री ने दी सोशल मीडिया पर सफाई
महमदपुर नरसंहार में पूर्व मंत्री विनोद व भाजपा विधायक नारायण झा का नाम सामने आने के बाद उन्होंने बीते सोमवार को सोशल मीडिया पर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि जिस जगह घटना हुई है, वह उनके विधानसभा क्षेत्र में नहीं है। वे अभी दिल्ली में अपनी बेटी-दामाद के पास हैं। वहीं पूर्व मंत्री के बचाव में भाजपा नेता व राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी और एमएलसी नवल किशोर यादव भी सामने आ गए। मोदी ने कहा कि आरोप लगा देने से कोई दोषी नहीं हो जाता है। विनोद नारायण झा पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं। नवल किशोर ने कहा कि मैं उन्हें 40 वर्षों से जानता हूं और जहां यह घटना हुई है वे उक्त विधानसभा का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। उन पर लगाए जा रहे आरोप पूरीे तरह से बेबुनियाद हैं।
जदयू के राजपूत नेताओं ने सीएम से की थी कार्रवाई की मांग
महमदपुर में जिन पांच लोगों की हत्या की गई, वो सभी भाई थे और राजपूत जाति के थे। इस वजह से भी बिहार में पक्ष-विपक्ष के राजपूत नेता मुखर हैं। पूर्व मंत्री जय कुमार सिंह के नेतृत्व में जदयू के कई राजपूत नेता सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। सिंह ने कहा था कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। आश्रितों के लिए नौकरी और मुआवजा की व्यवस्था करनी चाहिए। जो अपराधी हैं, उनकी गिरफ्तारी हो और स्पीडी ट्रायल चलाकर जल्द सजा दिलाई जाए।
कौन-कौन हैं मृतक
इस हत्याकांड में गोलीबारी के दिन ही दो सहोदर भाई रणविजय सिंह और वीरेंदर उर्फ वीरू सिंह (दोनों की उम्र 40 के करीब) की मौत हो गई थी। साथ में चचेरे भाई राणा प्रताप सिंह (42 वर्ष) की भी मौत हो गई। रणविजय सिंह के एक और सहोदर भाई अमरेंद्र सिंह (33 वर्ष) की मौत पटना में हुई थी। इसके अलावा राणा प्रताप सिंह के सहोदर भाई रूद्र नारायण सिंह की भी इलाज के दौरान मौत हो गई थी।


