PATNA : दो मांगों को पूरा करने को लेकर क्षत्रिय महासंघ ने काली पट्टी बांध किया मुख्यमंत्री आवास मार्च
पटना। क्षत्रिय सेवा महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष धनवंत सिंह राठौर के नेतृत्व में शुक्रवार को महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित व आनंद मोहन की रिहाई की घोषणा को पूरा नहीं करने के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के वादाखिलाफी के खिलाफ गांधी मैदान स्थित गांधी की प्रतिमा के समीप से काली पट्टी बांध मुख्यमंत्री आवास मार्च निकाला गया। जेपी गोलंबर होते हुए मार्च जैसे ही मौर्या होटल के पास पहुंचा पुलिस ने घेर लिया। चुनाव का घोषणा व आचार संहिता का हवाला देते हुए मार्च को रोक दिया। बाद में मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र उपस्थित पुलिस पदाधिकारी को सौंपा गया।


इस मौके पर श्री राठौर ने कहा कि सीएम नीतीश क्षत्रिय समाज के लिए लफ्फाज और झूठा मुख्यमंत्री साबित हुए हैं। जिस क्षत्रिय समाज ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए अपनी तमाम राजनीति पूंजी लगा दी, वहीं नीतीश कुमार इस समाज को हमेशा उनकी मांगों को अंगूठा दिखाते रहे हैं। महाराणा प्रताप की आदमकद प्रतिमा राजधानी में लगाने की घोषणा 2004 में भी की थी, वहीं कभी पूर्व सांसद आंनद मोहन को सत्ता में आने से पहले बेगुनाह बता कर धरना पर बैठने वाले नीतीश कुमार के राज में ही उन्हें फांसी की सजा मिली। पटना में महाराणा प्रताप की प्रतिमा का स्थापना और पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई अब क्षत्रिय समाज के लिए प्रतिष्ठा बन चुकी है। आज मुख्यमंत्री आवास मार्च करने का एक मात्र उद्देश्य यही है कि नीतीश कुमार कुंभकर्णी नींद टूटे महाराणा प्रताप के प्रतिमा निर्माण करने के 16 साल पूर्व किए गए अपने वादे और 08 महीने पूर्व समाज और राज्य के साथ किए वादे को पूरा कर सके।
कार्यक्रम में शामिल नेताओं में धीरेन्द्र सिंह, पवन राठौर, दिवाकर सिंह, प्रो. राजकुमार सिंह, रत्नेश कुमार सिंह, नितेश सिंह कच्छवाहा, टुन्ना सिंह, मनोज कुमार सिंह, उमेश सिंह, अजय कुमार सिंह आदि प्रमुख थे।

