अपराधियों के सामने घुटने टेक चुकी है नीतीश सरकार : कांग्रेस
बिहार क्रांति महासम्मेलन में जुड़े मधुबनी और सुपौल के नेता और कार्यकर्ता

पटना। कांग्रेस की बिहार क्रांति महासम्मेलन वर्चुअल रैली में बुधवार को बारी थी सुपौल और मधुबनी जिले की। इस रैली में दिल्ली, पटना, मधुबनी और सुपौल से पार्टी के वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं और आम लोगों से रूबरू थे। रैली को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने राज्य सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार अपराधियों के सामने घुटने टेक चुकी है। श्री तिवारी ने कहा कि नीतीश कुमार देश के एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिनका सिर्फ कुर्सी से प्यार है और वे अपनी कुर्सी बचाने के लिए किसी हद तक जा सकते हैं। महासम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में कोरोना के कारण बिहार के लोगों ने जिस प्रकार की पीड़ा झेली है, उसके लिए केन्द्र और राज्य की सरकार बराबर की हिस्सेदार है। उन्होंने प्रदेश के लोगों से बिहार की एनडीए सरकार को सत्ता से बाहर करने की अपील की।
वहीं हरियाणा के पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव ने कहा कि नीतीश कुमार को अपने 15 साल के उपलब्धियों को गिनाने के लिए कुछ नहीं है सिर्फ थोथी दलील के। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व विधायक अलका लांबा ने कहा कि इस कोरोना काल में नीतीश कुमार बिहार कि जनता को भगवान भरोसे तो छोड़ ही दिया लेकिन बिहार के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी कर रहे हैं।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने कहा कि पार्टी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और इस बार लोग झूठ और फरेब की सरकार को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज मात्र कुछ देर में ही बिहार क्रांति वर्चुअल महासम्मेलन से 1.20 लाख लोग जुड़ चुके हैं, जो कि पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता का परिचायक है।
इस मौके पर कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार के शासनकाल में चंद पूंजीपतियों को लाभ मिला है। आर्थिक स्थिति पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। कोरोना से देश बर्बादी के कगार पर आ गया है। देश को इस त्रासदी से कांग्रेस ही निकाल सकती है। पार्टी को एकजुट होकर काम करना होगा।
मधुबनी से जुड़े पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. शकील अहमद ने कहा कि बिहार के बारे में पिछले 15 सालों में जो प्रचारित किया गया, राज्य की छवि उससे अलग है। बेरोजगारी चरम पर है। कोरोना के कारण 2.25 करोड़ लोग बेरोजगार हुए हैं। लोगों को राहत पहुंचाने के बदले भाजपा और उसके सहयोगी दल सांप्रदायिक स्तर पर लोगों को आपस में लड़ाने का प्रयास कर रही है। केन्द्र सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने का वायदा किया था, जबकि आज किसानों की आमदनी 14 सालों में सबसे निचले स्तर पर है।
राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि ने सत्ता परिवर्तन होकर रहेगा। पूर्व सांसद रंजीता रंजन ने राज्य सरकार पर कोरोना काल में चुनाव कराने की सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे प्रदेश के लोगों के साथ धोखा करार दिया।
रैली को कार्यकारी अध्यक्ष श्याम सुंदर सिंह धीरज, डॉ. समीर कुमार सिंह, विधान पार्षद प्रेम चन्द्र मिश्र, कृपानाथ पाठक, भावना झा, मिन्नत रहमानी समेत अन्य लोगों ने भी संबोधित किया। पौने तीन घंटे चले इस महासम्मेलन का संचालन राष्ट्रीय सचिव अजय कपूर ने किया। इस मौके पर ब्रजेश पांडेय, राजेश राठौड़, संजीव सिंह, चंद्र प्रकाश सिंह के अलावा बड़ी संख्या में मधुबनी और सुपौल के नेता, कार्यकर्ता और आम लोग जुड़े।

