भाजपा सत्ता हथियाने के लिए कोरोना की आड़ में संविधान के साथ छेड़छाड़ की साजिश में जुटी: राजेश राठौड़
पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी अपने आप को संविधान से भी ऊपर समझने लगे हैं। इसलिए संविधान से परे जाकर बयान देने से भी परहेज नहीं करते हैं। बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने सुशील मोदी के आॅनलाइन चुनाव वाले बयान पर निशाना साधते हुए कहा है कि एक तरफ देश तथा राज्य कोरोना के महाआपदा से जूझ रही है। वहीं भाजपा जनता को बरगलाने का काम कर रही है। ऐसे नाजुक समय में चुनाव जीतने की प्लानिंग कर भाजपा अपने स्वार्थ का प्रदर्शन कर रही है। राठौड़ ने कहा है कि राज्य के हालात इस तरह से नहीं हैं कि यहां आॅनलाइन डिजिटल चुनाव की बात की जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रणाली में संशोधन करने के लिए पहले संविधान में संशोधन करना पड़ता है। सुशील मोदी देश स्तर के किसी भी पद पर नहीं हैं। फिर उनके द्वारा इस प्रकार का बयान दिया जाना गंभीर चिंता का विषय है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले भी कई ब्लॉक के कैशलेस डिजिटल होने की बात कह चुके हैं। मगर ऐसे दावे बस फाइलों तक ही सीमित हैं। धरातल में अभी भी डिजिटलाइजेशन कोसों दूर है। ऐसी स्थिति में सुशील मोदी आॅनलाइन चुनाव प्रणाली की बात करके सिर्फ जनता को भरमाने तथा मुख्य मुद्दों से किनारा करने की साजिश कर रहे हैं।
राठौड़ ने आगे कहा कि डिजिटलाइजेशन विकास के दौर में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। मगर यदि प्रणाली में किसी प्रकार कि दोष का गुंजाइश रह जाती है तो वह बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। केंद्र सरकार के द्वारा की गई नोटबंदी की असफलता पूरा देश देख रहा है। भाजपा सरकार कैशलेस-कैशलेस का नारा देते-देते खुद कैशप्लस-कैशप्लस होती चली गई। उन्होंने कहा कि देश के कई मंत्रालयों के वेबसाइट तक विदेशी हैकरों ने हैक करके दिखा दिया है। ऐसी स्थिति में बिना कुछ सोचे विचारे आॅनलाइन चुनाव प्रणाली की बात करके सुशील मोदी संविधान की आत्मा पर कुठाराघात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बगैर संविधान संशोधन किए हुए चुनाव प्रणाली को बदलने की बात करना संविधान का अपमान करना है। राठौड़ ने यह आरोप लगाया है कि सुशील मोदी कोरोना महा आपदा की आड़ में संविधान के साथ छेड़छाड़ करने की साजिश करने में जुटे हुए हैं।


