October 10, 2026

गुजरात में जहरीली शराब का कहर, 13 लोगों की मौत; 27 आरोपी गिरफ्तार, कई राज्यों में फैला जांच का जाल

  • भावनगर में जहरीली शराब पीने से दर्जनों लोग बीमार, 13 नई गिरफ्तारियों के बाद आरोपियों की संख्या बढ़ी
  • मेथनॉल मिले जहरीले तरल से तैयार की गई नकली शराब, रसायनों की आपूर्ति और पूरे नेटवर्क की तलाश में 16 पुलिस दल

भावनगर। गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। इस गंभीर घटना में अब तक करीब 67 लोगों के जहरीली शराब के संपर्क में आने या उसका सेवन करने की बात सामने आई है। पुलिस लगातार इस अवैध कारोबार से जुड़े लोगों की तलाश कर रही है। ताजा कार्रवाई में 13 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिसके बाद इस मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या बढ़कर 27 हो गई है। गुजरात में शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर कानून के तहत प्रतिबंध है। इसके बावजूद भावनगर में पिछले सप्ताह जहरीली शराब के सेवन के बाद कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। कुछ लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि इस घटना में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गुजरात पुलिस ने शराब तैयार करने से लेकर उसके वितरण तक पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अधिकांश आरोपी भावनगर और आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले हैं। वहीं, मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के रहने वाले आनंद छांदी को भी गिरफ्तार किया गया है। उसे उज्जैन से भावनगर लाया गया था। पुलिस का आरोप है कि नकली और जहरीली शराब तैयार करने की प्रक्रिया में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने जहरीली शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की खरीद और व्यवस्था में कई लोगों की मदद ली थी। पुलिस के अनुसार, पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर रविवार को 13 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत पुलिस हिरासत में भेजा गया है और उनसे पूरे मामले के संबंध में पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियों के लिए सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि जब्त किए गए जहरीले तरल में मेथनॉल की अत्यधिक मात्रा पाई गई है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के अनुसार, बरामद नमूने में 38.59 प्रतिशत मेथनॉल और 0.94 प्रतिशत इथेनॉल पाया गया। मेथनॉल एक अत्यंत जहरीला रसायन है और इसके सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं तथा मौत तक हो सकती है। पुलिस की जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि तैयार किए गए जहरीले तरल को एक लोकप्रिय भारतीय निर्मित विदेशी शराब के नाम और लेबल वाली बोतलों में भरकर बंद किया गया था। इसके बाद इन बोतलों को अवैध शराब कारोबारियों के माध्यम से अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली बोतलें, लेबल और उन्हें बंद करने के लिए इस्तेमाल की गई मशीनें कहां से लाई गई थीं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, भावनगर के वरतेज क्षेत्र निवासी गौतम सोलंकी के घर पर कथित तौर पर जहरीली शराब तैयार की गई थी। पुलिस का आरोप है कि उज्जैन से आए रईस और उसके सहयोगी जुबेर ने अहमदाबाद से कच्चा माल और आवश्यक रसायनों की व्यवस्था की। इसके बाद इन सामग्रियों का इस्तेमाल कर जहरीला तरल तैयार किया गया। जांच में मध्य प्रदेश के एक अन्य व्यक्ति नरेंद्र यादव की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, वह भी इस अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ था। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि जिस जहरीली शराब को तैयार करने और वितरण के नेटवर्क में वह कथित तौर पर शामिल था, उसके सेवन के बाद उसकी भी मौत हो गई। मामले की व्यापकता को देखते हुए गुजरात पुलिस की राज्य निगरानी इकाई ने जांच का दायरा राज्य की सीमाओं से बाहर तक बढ़ा दिया है। कुल 16 पुलिस दल गठित कर गुजरात के अलावा दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भेजे गए हैं। इन दलों को खास तौर पर मेथनॉल और अन्य रसायनों के स्रोत, उनकी आपूर्ति, परिवहन और पूरे वितरण तंत्र की जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों को रसायन कहां से मिले, उन्हें भावनगर तक कैसे पहुंचाया गया और नकली शराब तैयार करने के बाद उसका वितरण किन लोगों के माध्यम से किया गया। जांच एजेंसियां बोतलों को भरने और सील करने के लिए इस्तेमाल की गई मशीनों तथा नकली लेबल तैयार करने वाले लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने आर्थिक लाभ के उद्देश्य से इस अवैध कारोबार को अंजाम दिया। मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और गुजरात निषेध कानून की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। फिलहाल 13 लोगों की मौत और दर्जनों लोगों के बीमार पड़ने के बाद भावनगर जहरीली शराब कांड की जांच कई राज्यों तक फैल चुकी है। पुलिस अब केवल शराब तैयार करने वाले आरोपियों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि रसायनों की आपूर्ति से लेकर बोतल, लेबल, परिवहन और बिक्री तक पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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