बिहार के सरकारी विद्यालयों में शनिवार को फिर लागू हुई आधे दिन की पढ़ाई, शिक्षा विभाग ने जारी किया नया आदेश
- सोमवार से शुक्रवार तक पहले की तरह सुबह 9:30 से शाम 4:00 बजे तक चलेंगे विद्यालय, शनिवार को दोपहर 1:00 बजे तक होगी पढ़ाई
- कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए मध्याह्न भोजन की विशेष व्यवस्था, शिक्षकों को पाठ योजना, मूल्यांकन और शैक्षणिक कार्यों के लिए मिलेगा अतिरिक्त समय
पटना। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी विद्यालयों में शनिवार को पुनः आधे दिन की पढ़ाई की व्यवस्था लागू कर दी है। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने 6 अगस्त 2026 को आधिकारिक आदेश जारी करते हुए विद्यालय संचालन की समय-सारणी में आंशिक संशोधन किया है। विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब राज्य के सभी सरकारी विद्यालय सोमवार से शुक्रवार तक पूर्व निर्धारित समय के अनुसार संचालित होंगे, जबकि शनिवार को विद्यालय केवल दोपहर 1:00 बजे तक ही खुलेंगे। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति मिलने के बाद यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि यह संशोधन विभागीय आदेश ज्ञापांक-2331, दिनांक 12 दिसंबर 2025 में आंशिक परिवर्तन करते हुए किया गया है। नए निर्देशों के अनुसार सप्ताह के पहले पांच दिनों में विद्यालयों के संचालन समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सोमवार से शुक्रवार तक सभी सरकारी विद्यालय पहले की तरह सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक संचालित होंगे। इन दिनों नियमित कक्षाएं, शैक्षणिक गतिविधियां और अन्य प्रशासनिक कार्य निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही संपन्न होंगे। शनिवार को विद्यालय संचालन में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में शनिवार को केवल दोपहर 1:00 बजे तक ही शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसके बाद विद्यार्थियों को अवकाश दे दिया जाएगा। लंबे समय से छात्र, अभिभावक और शिक्षकों के विभिन्न संगठनों की ओर से शनिवार को आधे दिन की पढ़ाई की मांग की जा रही थी। विभाग के इस निर्णय से लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है। प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए शनिवार को विशेष व्यवस्था निर्धारित की गई है। आदेश के अनुसार इन कक्षाओं की पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां दोपहर 12:00 बजे तक संचालित होंगी। इसके बाद दोपहर 12:00 बजे से 12:40 बजे तक विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। भोजन समाप्त होने के बाद सभी विद्यार्थियों को विद्यालय से छुट्टी दे दी जाएगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को पौष्टिक भोजन भी मिले और शनिवार को उन्हें अनावश्यक रूप से अधिक समय तक विद्यालय में न रुकना पड़े।माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए भी शनिवार की अलग समय-सारणी निर्धारित की गई है। इन विद्यालयों में दोपहर 1:00 बजे तक नियमित अध्यापन कार्य और पूर्व निर्धारित अन्य शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसके बाद विद्यार्थियों को घर भेज दिया जाएगा। हालांकि शिक्षकों की जिम्मेदारियां विद्यालय की छुट्टी के साथ समाप्त नहीं होंगी। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए अतिरिक्त शैक्षणिक कार्यों का भी स्पष्ट उल्लेख किया है।आदेश के अनुसार शिक्षकों को प्रतिदिन कक्षा अवधि के क्रम में एक घंटे का समय विभिन्न शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों के लिए देना होगा। इस अवधि में अगले दिन तथा अगले सप्ताह की पाठ योजना तैयार करना, विद्यार्थियों के मूल्यांकन संबंधी कार्य करना, शिक्षक डायरी को अद्यतन रखना, गृहकार्य की जांच करना, प्रयोगशाला प्रबंधन तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सहयोगात्मक कक्षाओं का संचालन करना शामिल रहेगा। विभाग ने निर्देश दिया है कि इन सभी कार्यों को पूरा करने के बाद ही शिक्षक विद्यालय से प्रस्थान करेंगे। शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि विद्यालय संचालन से संबंधित अन्य सभी नियम और प्रावधान पहले की तरह प्रभावी रहेंगे। केवल शनिवार के संचालन समय में परिवर्तन किया गया है। विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से विद्यार्थियों की पढ़ाई का संतुलन बना रहेगा तथा शिक्षकों को भी शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए आवश्यक तैयारी का पर्याप्त समय मिलेगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित पाठ योजना, विद्यार्थियों के मूल्यांकन और शैक्षणिक तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिलने से विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी। वहीं शनिवार को आधे दिन की पढ़ाई होने से विद्यार्थियों को मानसिक और शारीरिक रूप से भी संतुलित वातावरण मिलेगा। इससे अध्ययन के साथ-साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और पारिवारिक समय के लिए भी अवसर बढ़ेगा।राज्य सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल समय में परिवर्तन करना नहीं, बल्कि विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। शिक्षकों को बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा, विद्यार्थियों पर अनावश्यक दबाव कम होगा और विद्यालयों का प्रशासनिक कार्य भी अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सकेगा। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि शनिवार को आधे दिन की पढ़ाई लागू होने से सरकारी विद्यालयों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी होगी और शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।


