मुंगेर में निवेश ठगी मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, कंपनी निदेशक के ठिकाने पर छापेमारी

  • करोड़ों रुपये के कथित निवेश घोटाले में वित्तीय दस्तावेज, बैंक अभिलेख और डिजिटल उपकरणों की गहन जांच
  • निवेशकों से धन जुटाने और धन के उपयोग की पड़ताल तेज, धन शोधन के पहलू से जांच में जुटी एजेंसी

मुंगेर। जिले के जमालपुर में करोड़ों रुपये के कथित निवेश ठगी मामले में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक जितेंद्र कुमार राजीव के आवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई सुबह स्थानीय पुलिस के सहयोग से शुरू की गई। जांच दल ने जमालपुर थाना क्षेत्र के नया टोला फूलका स्थित आवास की घेराबंदी कर पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई और पूरे क्षेत्र में इस छापेमारी की चर्चा होती रही। प्रवर्तन निदेशालय की टीम इस मामले में धन शोधन और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने बैंक खातों से संबंधित अभिलेख, वित्तीय दस्तावेज, निवेश से जुड़े कागजात, संगणक, गोद में रखने योग्य संगणक, मोबाइल फोन तथा अन्य डिजिटल उपकरणों की बारीकी से जांच की। जांच एजेंसी ने इन उपकरणों में उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक आंकड़ों का भी परीक्षण किया, ताकि निवेशकों से जुटाई गई राशि के लेन-देन और उसके उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का पता लगाया जा सके। सूत्रों के अनुसार, इस मामले के प्राथमिक आरोपित जयधन तांती और प्रिया राजीव रंजन से भी प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने कई घंटों तक पूछताछ की। पूछताछ के दौरान कंपनी की वित्तीय गतिविधियों, निवेशकों से धन संग्रह की प्रक्रिया, विभिन्न खातों में धन के हस्तांतरण तथा कंपनी के संचालन से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी जुटाई गई। हालांकि समाचार लिखे जाने तक एजेंसी की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था और जांच की प्रक्रिया लगातार जारी थी।। जांच एजेंसी का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि निवेशकों से एकत्र की गई राशि का उपयोग किन माध्यमों से किया गया और क्या इस धन को अन्य खातों, कंपनियों अथवा संपत्तियों में स्थानांतरित किया गया। इसके लिए वित्तीय अभिलेखों और डिजिटल साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में उपलब्ध आंकड़े इस मामले में कई महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध करा सकते हैं। जॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड पर आरोप है कि उसने चिटफंड जैसी योजना के माध्यम से लोगों को अधिक लाभ का लालच देकर करोड़ों रुपये का निवेश कराया। आरोपों के अनुसार, कंपनी ने निवेशकों को कम समय में अधिक मुनाफा देने का भरोसा दिलाकर बड़ी संख्या में लोगों से धन जमा कराया, लेकिन बाद में अचानक अपना कार्यालय बंद कर दिया। इसके बाद निवेशकों को अपनी जमा पूंजी वापस नहीं मिल सकी, जिससे बड़ी संख्या में लोग आर्थिक संकट में आ गए। बताया जाता है कि 18 नवंबर 2024 को कंपनी का कार्यालय बंद होने के बाद अनेक निवेशकों ने जमालपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कांड संख्या 224/24 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। पुलिस जांच के दौरान कंपनी के निदेशक जितेंद्र कुमार राजीव लंबे समय तक फरार रहे। बाद में उन्होंने मुंगेर न्यायालय में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद से वे न्यायिक हिरासत में हैं। अब इस पूरे मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन के दृष्टिकोण से जांच को तेज कर दिया है। एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि निवेशकों से प्राप्त धन का वास्तविक उपयोग किस प्रकार किया गया तथा कहीं इस राशि को विभिन्न बैंक खातों, कंपनियों या अचल संपत्तियों में तो नहीं लगाया गया। वित्तीय लेन-देन की प्रत्येक कड़ी की गहन जांच की जा रही है, ताकि धन के प्रवाह का पूरा विवरण सामने आ सके। सूत्रों का मानना है कि प्रवर्तन निदेशालय की यह कार्रवाई इस बहुचर्चित निवेश ठगी मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासों का आधार बन सकती है। जांच के आगे बढ़ने के साथ अन्य व्यक्तियों या संस्थाओं की भूमिका भी सामने आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। एजेंसी फिलहाल जब्त किए गए दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय अभिलेखों का विश्लेषण कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई जारी है और एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। निवेशकों को उम्मीद है कि जांच के माध्यम से पूरे मामले का खुलासा होगा तथा यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या धन शोधन के प्रमाण मिलते हैं, तो दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई राज्य में निवेश ठगी से जुड़े मामलों पर एजेंसियों की बढ़ती सख्ती का भी महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।

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