बाढ़ लूटकांड का पुलिस ने किया खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार, लाखों के जेवरात और हथियार बरामद

  • बुढनीचक गांव में दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज लूट का पुलिस ने किया पर्दाफाश, लूटे गए जेवरात, देसी कट्टा और जिंदा कारतूस जब्त
  • विशेष टीम की कार्रवाई से मिली सफलता, फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी, पूरे गिरोह के जल्द खुलासे का दावा

पटना। पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र में करीब दस दिन पहले हुई दिनदहाड़े की सनसनीखेज लूट की वारदात का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों के कब्जे से लूटे गए लाखों रुपये मूल्य के जेवरात, एक देसी कट्टा तथा जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि इस लूटकांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह वारदात बाढ़ थाना क्षेत्र के बुढनीचक गांव में हुई थी। घटना के दिन आठ की संख्या में आए नकाबपोश अपराधियों ने जयचंद्र चौधरी के घर को निशाना बनाया। हथियारों से लैस अपराधी घर में घुस गए और परिवार के सभी सदस्यों को बंधक बना लिया। इसके बाद बदमाशों ने पूरे घर की तलाशी ली और नकदी तथा कीमती जेवरात लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए थे। पीड़ित परिवार द्वारा पुलिस को दिए गए आवेदन में बताया गया कि अपराधी घर से 15 हजार रुपये नकद और लगभग 15 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात लूटकर ले गए। दिनदहाड़े हुई इस बड़ी वारदात ने पुलिस प्रशासन के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। घटना के खुलासे के लिए बाढ़ थाना अध्यक्ष ब्रिज किशोर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। जांच दल ने घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, तकनीकी जानकारी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर लगातार जांच आगे बढ़ाई। कई संदिग्धों से पूछताछ और विभिन्न स्थानों पर छापेमारी के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली और लूटकांड में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लूटे गए जेवरात बरामद किए। इसके अलावा अपराधियों के पास से एक देसी कट्टा और जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि बरामद हथियार का इस्तेमाल वारदात के दौरान परिवार को डराने और बंधक बनाने के लिए किया गया था। बरामद सामान को जब्त कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार अपराधियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे गिरोह की गतिविधियों का खुलासा किया जाएगा।जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास को भी खंगाल रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि इनका संबंध किसी संगठित अपराध गिरोह से है या नहीं तथा इससे पहले भी इन्होंने इसी प्रकार की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं। पुलिस विभिन्न थानों में दर्ज पुराने मामलों का भी मिलान कर रही है, ताकि इनके आपराधिक नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई में तकनीकी अनुसंधान और स्थानीय स्तर पर प्राप्त सूचनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आधुनिक जांच पद्धति और लगातार निगरानी के कारण अपराधियों तक पहुंचना संभव हो सका। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जिले में अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी इसी प्रकार जारी रहेगा और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि फरार आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी होगी और पूरे मामले का पूरी तरह खुलासा हो जाएगा। पुलिस का कहना है कि लूटकांड से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच जारी है तथा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हो।

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