बांकीपुर उपचुनाव में दूसरे चरण के बाद प्रशांत किशोर आगे, भाजपा पर 1156 मतों की बढ़त
- दूसरे चरण की मतगणना में जन सुराज को बढ़त, भाजपा और राजद की निगाहें अगले चरणों पर
- एएन कॉलेज मतगणना केंद्र पर कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है मतगणना, अंतिम परिणाम के लिए अभी कई चरण शेष
पटना। बिहार की सबसे चर्चित और प्रतिष्ठित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर उपचुनाव की मतगणना के बीच दूसरे चरण के बाद राजनीतिक तस्वीर में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जन सुराज के संस्थापक एवं प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने दूसरे चरण की मतगणना के बाद भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार पर 1156 मतों की बढ़त बना ली है। शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और जन सुराज समर्थकों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। हालांकि निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभी मतगणना के कई चरण शेष हैं, इसलिए शुरुआती बढ़त को अंतिम परिणाम नहीं माना जा सकता। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना सोमवार सुबह पटना स्थित एएन कॉलेज के मतगणना केंद्र पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती पूरी की गई। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों में दर्ज मतों की चरणबद्ध गिनती आरंभ हुई। प्रत्येक चरण की मतगणना पूरी होने के बाद निर्वाचन आयोग आधिकारिक आंकड़े जारी कर रहा है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी हुई है। दूसरे चरण की मतगणना के बाद जारी आंकड़ों के अनुसार जन सुराज के प्रत्याशी प्रशांत किशोर को अब तक 3790 मत प्राप्त हुए हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार को 2634 मत मिले हैं। राष्ट्रीय जनता दल की प्रत्याशी रेखा कुमारी को 660 मत प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार दूसरे चरण की गिनती समाप्त होने तक प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार पर 1156 मतों की बढ़त बना ली है। इस शुरुआती बढ़त ने चुनावी मुकाबले को और अधिक रोचक बना दिया है। बांकीपुर विधानसभा सीट को लंबे समय से बिहार की सबसे महत्वपूर्ण और राजनीतिक रूप से प्रतिष्ठित सीटों में गिना जाता है। इस उपचुनाव पर केवल राजधानी पटना ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सीट का परिणाम आगामी विधानसभा चुनावों की दिशा और विभिन्न दलों की राजनीतिक रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है। यही कारण है कि इस उपचुनाव को सामान्य चुनाव की बजाय राजनीतिक शक्ति परीक्षण के रूप में भी देखा जा रहा है। इस चुनाव की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर स्वयं चुनाव मैदान में उतरे हैं। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी अपनी परंपरागत मजबूत मानी जाने वाली सीट को बचाने के लिए पूरा प्रयास कर रही है। वहीं राष्ट्रीय जनता दल भी इस सीट पर बेहतर प्रदर्शन कर अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की उम्मीद लगाए हुए है। चुनाव प्रचार के दौरान तीनों प्रमुख दलों ने पूरी ताकत झोंकी थी और वरिष्ठ नेताओं ने लगातार जनसभाएं तथा जनसंपर्क अभियान चलाए थे।मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत केंद्रीय अर्धसैनिक बल, बिहार पुलिस और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। मतगणना केंद्र के भीतर केवल अधिकृत अधिकारियों, मतगणना कर्मियों, प्रत्याशियों तथा उनके अधिकृत मतगणना अभिकर्ताओं को ही प्रवेश की अनुमति दी गई है। पूरे परिसर की निगरानी बंद परिपथ दूरदर्शन कैमरों के माध्यम से की जा रही है, ताकि मतगणना प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शुरुआती चरणों की बढ़त महत्वपूर्ण अवश्य होती है, लेकिन अंतिम परिणाम तक पहुंचने के लिए अभी कई चरणों की मतगणना बाकी है। ऐसे में आने वाले चरणों में मतों का अंतर बढ़ भी सकता है और कम भी हो सकता है। इसी कारण सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशी, उनके अभिकर्ता और समर्थक प्रत्येक चरण के परिणाम पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। यदि आगामी चरणों में भी जन सुराज की बढ़त बरकरार रहती है तो इसे बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जाएगा। वहीं यदि भारतीय जनता पार्टी बाद के चरणों में बढ़त हासिल करती है तो मुकाबला पूरी तरह बदल सकता है। राष्ट्रीय जनता दल भी अभी अंतिम परिणाम तक उम्मीद बनाए हुए है और आने वाले चरणों में बेहतर प्रदर्शन की संभावना जता रहा है।निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रत्याशी को विजेता घोषित करने से पहले सभी चरणों की मतगणना पूरी की जाएगी। इसके बाद ही आधिकारिक परिणाम की घोषणा होगी। ऐसे में फिलहाल दूसरे चरण के बाद प्रशांत किशोर की बढ़त ने चुनावी मुकाबले को रोमांचक बना दिया है, लेकिन अंतिम फैसला सभी चरणों की मतगणना पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।


