बिहार में बदला मौसम का मिजाज, 25 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, पटना में तेज बारिश से भारी जलजमाव

  • सीवान और गोपालगंज में भारी वर्षा की चेतावनी, 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा
  • कई जिलों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित, मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक वर्षा की गतिविधियां बढ़ने के दिए संकेत

पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और राज्य के कई जिलों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। राजधानी पटना में सोमवार सुबह से रुक-रुककर तेज बारिश का दौर जारी है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है। वहीं मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के 25 जिलों के लिए आंधी और बारिश का चेतावनी संदेश जारी किया है। इनमें सीवान और गोपालगंज को विशेष रूप से भारी वर्षा वाले जिले के रूप में चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।मौसम विभाग के अनुसार राज्य के शेष 13 जिलों में फिलहाल मौसम सामान्य रहने की संभावना है। हालांकि राजधानी पटना सहित कई स्थानों पर दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। इसके बावजूद उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पांच और छह अगस्त तक बिहार में वर्षा की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी के कारण आने वाले दिनों में कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और मध्यम से भारी वर्षा देखने को मिल सकती है। रविवार को राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। बेगूसराय, बगहा, छपरा, बांका, सुपौल, पूर्णिया, सीतामढ़ी, मधेपुरा तथा पटना के कुछ इलाकों में तेज बारिश हुई। वर्षा के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सीतामढ़ी में भारी बारिश के बाद सदर अस्पताल परिसर में एक से दो फीट तक पानी भर गया, जिससे मरीजों और अस्पताल कर्मियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के कई प्रमुख मार्गों और मोहल्लों में भी जलभराव की स्थिति बनी रही। बेगूसराय के भजनी मोहल्ला में लगातार हुई वर्षा के कारण 60 से अधिक घरों में पानी घुस गया। इससे लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हुई और घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचा। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और स्थिति पर निगरानी बनाए रखी है। कई स्थानों पर जल निकासी की व्यवस्था तेज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इधर बांका जिले में खराब मौसम के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग झुलस गए। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है। मौसम विभाग ने भी गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और बिजली गिरने की आशंका वाले समय में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। राजधानी पटना में सोमवार को मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने का अनुमान है। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, लेकिन व्यापक वर्षा की संभावना कम बताई गई है। कुछ इलाकों में हल्की फुहारें पड़ सकती हैं, जबकि उमस लोगों को परेशान कर सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वातावरण में नमी का स्तर अधिक होने के कारण बादल तेजी से बन और बिखर रहे हैं, जिससे मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। इस वर्ष मानसून के दौरान बिहार में अब तक सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस अवधि तक राज्य में लगभग 522.2 मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 299 मिलीमीटर वर्षा ही दर्ज की गई है। इस प्रकार राज्य में अब भी लगभग 43 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। कम वर्षा का असर कृषि कार्यों पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में वर्षा की गतिविधियां तेज होने पर इस कमी में कुछ सुधार संभव है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी युक्त हवाएं उत्तर और पूर्वी बिहार तक पहुंच रही हैं। दिन में तेज धूप और अधिक उमस के कारण वायुमंडल में अस्थिरता उत्पन्न हो रही है, जिसके चलते दोपहर और शाम के समय तेजी से बादलों का निर्माण हो रहा है। यही कारण है कि कई जिलों में अचानक गरज-चमक, तेज हवा और बारिश की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। उत्तर बिहार में मानसूनी प्रभाव अधिक सक्रिय होने से वहां वर्षा की संभावना अधिक बनी हुई है, जबकि दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों तक राज्य में नमी की आपूर्ति बनी रहने के कारण मौसम का यही रुख जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर अचानक तेज बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवा की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करते हुए सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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