जेपी गंगा पथ से हटेंगी दुकानें, दीघा गोलंबर के पास बनेगा आधुनिक वेंडिंग जोन
- गंगा तट की सुंदरता, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लिया गया फैसला
- 250 वेंडरों के पुनर्वास की तैयारी, मनोरंजन क्षेत्र, पार्किंग और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा नया परिसर
पटना। राजधानी पटना के बहुप्रतीक्षित जेपी गंगा पथ को अतिक्रमण मुक्त और अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गंगा किनारे प्रस्तावित 50 प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों को अब जेपी गंगा पथ पर स्थापित नहीं किया जाएगा। इसके स्थान पर दीघा गोलंबर के निकट विकसित किए जा रहे नए वेंडिंग जोन में इन दुकानों को स्थानांतरित किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस निर्णय से गंगा तट की प्राकृतिक सुंदरता संरक्षित रहेगी, यातायात व्यवस्था बेहतर होगी तथा आपातकालीन सेवाओं, विशेष रूप से एंबुलेंसों की आवाजाही में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होगी। जानकारी के अनुसार, दीघा गोलंबर और अटल पथ के समीप लगभग 1.93 एकड़ भूमि पर आधुनिक वेंडिंग जोन विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जेपी गंगा पथ को अतिक्रमण मुक्त रखना और सड़क किनारे अनियोजित ढंग से संचालित दुकानों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराना है। प्रशासन ने यहां लगभग 250 दुकानदारों को स्थानांतरित करने की योजना बनाई है। वेंडिंग जोन का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण में आधारभूत संरचना तैयार की जा रही है, जिसमें सड़क निर्माण, पेवर ब्लॉक बिछाने और दुकानदारों को स्थान आवंटित करने का कार्य शामिल है। बताया गया है कि अब तक 38 दुकानों का ढांचा तैयार किया जा चुका है, जबकि शेष दुकानों के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। दूसरे चरण में पूरे क्षेत्र को एक आकर्षक सार्वजनिक स्थल और मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। नए वेंडिंग जोन में दुकानदारों और आगंतुकों के लिए अनेक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। परिसर में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल, उच्च क्षमता वाली प्रकाश व्यवस्था तथा विशेष सजावटी रोशनी लगाई जाएगी। इसके अलावा हरियाली बढ़ाने के लिए व्यापक वृक्षारोपण और आकर्षक भू-दृश्य सज्जा की जाएगी। लोगों को आकर्षित करने के लिए सेल्फी प्वाइंट, बच्चों के लिए विशेष खेल क्षेत्र, खुला मनोरंजन क्षेत्र तथा रंगमंचीय गतिविधियों के लिए एम्फीथिएटर का भी निर्माण किया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले जेपी गंगा पथ पर प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों को स्थापित करने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए दो आधुनिक डिजाइनों को अंतिम रूप भी दे दिया गया था और निर्माण प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी थी। परियोजना के तहत 45 छोटी और पांच बड़ी दुकानों का निर्माण किया जाना था। प्रत्येक दुकान को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाना था, जिसमें बेसिन, स्लैब, निकास पंखा, विद्युत संयोजन, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक संसाधन शामिल थे। हालांकि बाद में मुख्यमंत्री आवास क्षेत्र के आसपास किए गए निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रस्तावित दुकानों के डिजाइन पर आपत्ति जताई। निरीक्षण में पाया गया कि पूर्व निर्धारित संरचनाओं में कई व्यावहारिक कमियां थीं, जिससे दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को असुविधा हो सकती थी। इसके बाद प्रशासन ने पूरी योजना की समीक्षा की और दुकानों को गंगा पथ से हटाकर अलग वेंडिंग जोन में स्थापित करने का निर्णय लिया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, गंगा पथ को एक हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां बड़ी संख्या में लोग सुबह-शाम सैर, व्यायाम और मनोरंजन के लिए आते हैं। यदि सड़क किनारे बड़ी संख्या में दुकानें स्थापित की जातीं तो इससे यातायात प्रभावित होता और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ सकती थी। इसके अलावा दानापुर की ओर से पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल जाने वाली एंबुलेंसों को भी जाम की समस्या का सामना करना पड़ सकता था। पूर्व में गंगा पथ के आसपास लंबे समय से व्यवसाय कर रहे लगभग 280 वेंडरों की पहचान की गई थी। इन्हें नए परिसर में प्राथमिकता के आधार पर स्थान देने की योजना है। प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना से न केवल दुकानदारों को व्यवस्थित व्यापारिक वातावरण मिलेगा, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था और सौंदर्यीकरण को भी नई दिशा मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है तो यह राजधानी में शहरी विकास और व्यवस्थित पुनर्वास का एक आदर्श मॉडल बन सकती है। इससे गंगा तट की सुंदरता भी सुरक्षित रहेगी और छोटे व्यवसायियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्थायी व्यापारिक स्थल भी उपलब्ध होगा।


