बिहार में गर्मी और बारिश का दोहरा असर, छह जिलों में आंधी-वज्रपात का अलर्ट
- सीमांचल के जिलों में तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी, कई क्षेत्रों में तापमान बढ़ने के आसार
- सामान्य से 99 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज, जून के दूसरे सप्ताह में मानसून की दस्तक की संभावना
पटना। बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। एक ओर राज्य के अधिकांश हिस्सों में गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने सोमवार को सीमांचल क्षेत्र के छह जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी करते हुए तेज हवा, मेघ गर्जन और बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हालांकि राज्य के शेष 32 जिलों में मौसम सामान्य बने रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आगामी दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। इसके बावजूद अगले 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मौसम में यह बदलाव देखा जा रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखा गया। सीवान और सारण जिले में तेज हवा के साथ वर्षा दर्ज की गई। वहीं कैमूर जिले में एक बार फिर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। रविवार को यहां अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश के गर्म जिलों में शामिल रहा। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष बिहार में मार्च से मई के बीच सामान्य से लगभग दोगुनी बारिश रिकॉर्ड की गई है। एक मार्च से 31 मई तक राज्य में 169.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई, जबकि सामान्य रूप से इस अवधि में 85.3 मिलीमीटर बारिश होती है। इस प्रकार राज्य में सामान्य से 99 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कई वर्षों की तुलना में इस बार वर्षा का स्वरूप अलग रहा है और इसका प्रमुख कारण लगातार सक्रिय मौसमी तंत्र हैं। बीते 24 घंटे में सबसे अधिक 15 मिलीमीटर वर्षा समस्तीपुर में दर्ज की गई। इसके अलावा सीवान के जीरादेई में 13 मिलीमीटर, सारण और अरवल में 12-12 मिलीमीटर, किशनगंज के बहादुरगंज में 9 मिलीमीटर, पश्चिम चंपारण के सिकटा में 8.6 मिलीमीटर तथा अररिया के फारबिसगंज में 8.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, सारण और सीवान जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इन क्षेत्रों में मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। राजधानी पटना में सोमवार को मौसम सामान्य रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। सुबह के समय हल्के बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन दिन चढ़ने के साथ धूप तेज होगी। अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण और मध्य बिहार के अधिकांश जिलों में अगले एक सप्ताह तक उमस लोगों को परेशान कर सकती है। इधर, मानसून को लेकर भी लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है और इसके बिहार पहुंचने में अभी कुछ दिन का समय है। सामान्य परिस्थितियों में मानसून 10 से 15 जून के बीच सीमांचल क्षेत्र में प्रवेश करता है और इसके बाद धीरे-धीरे पूरे राज्य में फैलता है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मानसून के आगमन में किसी बड़ी देरी की संभावना नहीं है। यदि बंगाल की खाड़ी में अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो जून के दूसरे सप्ताह में मानसून बिहार के पूर्वी हिस्सों में दस्तक दे सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में हुई बारिश और आंधी का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी रही है। अब इन मौसमी तंत्रों का प्रभाव धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है, जिसके कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना कम हुई है। हालांकि सीमांचल और कोसी क्षेत्र में नमी के प्रभाव से छिटपुट बारिश का दौर जारी रह सकता है। बिहार में फिलहाल गर्मी, उमस और बारिश का मिश्रित प्रभाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और बदलते मौसम के अनुसार आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।


