देशभर में मौसम का बड़ा बदलाव, कई राज्यों में तूफान और भारी बारिश का अलर्ट
- मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटे को बताया अत्यंत संवेदनशील, उत्तर भारत के कई राज्यों में जारी हुआ रेड अलर्ट
- दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज, तापमान में 6 से 8 डिग्री तक गिरावट की संभावना
नई दिल्ली। देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के साथ ही मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों को बेहद संवेदनशील बताते हुए कई राज्यों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून अभी पूरे देश में नहीं फैला है, लेकिन इसके प्रभाव और सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तेज आंधी, ओलावृष्टि और भारी वर्षा की संभावना बन गई है। मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा लगातार आगे बढ़ रही है। आगामी दो से तीन दिनों में अरब सागर, लक्षद्वीप तथा बंगाल की खाड़ी के मध्य और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। इसके प्रभाव से कई राज्यों में मौसम में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है। विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज और विनाशकारी तूफान आने की आशंका है। इसके साथ ओलावृष्टि और भारी वर्षा भी हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओले गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। 30 मई को पूरे प्रदेश में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि 31 मई को पूर्वी क्षेत्रों में भारी वर्षा होने का अनुमान है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उसके आसपास के इलाकों में भी मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आने, ओलावृष्टि होने और भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। 30 मई को भी इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ वर्षा का क्रम जारी रहने का अनुमान है। बिहार में भी मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। राज्य के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा होने की संभावना है। साथ ही 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और तूफान चलने का अनुमान है। 30 मई को भी 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। इसके बाद 31 मई और 1 जून को हल्की से मध्यम वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। झारखंड में भी 31 मई तक तेज आंधी-तूफान का प्रभाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं 1 से 3 जून के बीच गरज-चमक के साथ वर्षा होने का अनुमान है। इससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और ओलावृष्टि हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी तेज हवाएं चलने और ओले गिरने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि पहाड़ों में सक्रिय इस मौसमी प्रणाली का असर मैदानी इलाकों पर भी पड़ेगा और वहां तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जाएगी। मध्य प्रदेश में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में लू का प्रभाव अब समाप्ति की ओर है। राज्य में आज और कल ओलावृष्टि तथा 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है। 31 मई को पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी वर्षा का अनुमान लगाया गया है। छत्तीसगढ़ में भी 31 मई तक तेज आंधी और वर्षा का दौर जारी रह सकता है। राज्य में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। इसके अलावा 1 जून को भी गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि इन मौसमी गतिविधियों के कारण अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। हालांकि विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने, खुले स्थानों पर न जाने तथा खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। आने वाले कुछ दिन मौसम की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील माने जा रहे हैं।


